Дар малик будӣ агар як зарраи ишқи ёри ман
در ملک بودی اگر یک ذره عشق یار من
Дар фалаки оташи афкандии оҳи оташи бори ман
در فلک آتش افکندی آه آتش بار من
Дар тани зорами ҷигари сдчоку дили сад пора шуд
در تن زارم جگر صدچاک و دل صد پاره شد
Булъаҷаби гулҳо шкФт аз ишқ дар гулзори ман
بوالعجب گلها شکفت از عشق در گلزار من
Чун кунад помолами он сарв аз паии побӯс ӯ
چون کند پامالم آن سرو از پی پابوس او
Дил бурун ояд зи чоки синаи афкори ман
دل برون آید ز چاک سینهٔ افکار من
Ҳоиу ҳўими ларза дар гўроФкнди Мансур ро
های و هویم لرزه در گورافکند منصور را
Чун зананд аз роҳи ибрат дар раҳи ӯдори ман
چون زنند از راه عبرت در ره اودار من
Хостам аз шарбати васлаш дамӣ ёбам ҳаёт
خواستم از شربت وصلش دمی یابم حیات
Кард чашми қотилаши заҳрии аҷаб дар кори ман
کرد چشم قاتلش زهری عجب در کار من
Он чунон зорам ки бар ман душманон гузинад зор
آن چنان زارم که بر من دشمنان گزیند زار
Дӯстии охири ту камтар кӯш дар озори ман
دوستی آخر تو کمتر کوش در آزار من
Муҳташам ҳргаҳ нивисам шеъри ошиқи сӯзи хеш
محتشم هرگه نویسم شعر عاشق سوز خویش
Оташ уфтад аз қалам дар нусхаи ашъори ман
آتش افتد از قلم در نسخهٔ اشعار من