Зон остон ки қиблаи арбоб давлат аст
زان آستان که قبلهٔ ارباب دولت است
Маҳрӯмии ман аз адам қобилият аст
محرومی من از عدم قابلیت است
Чашмами зи айн бе басарии монда бе насиб
چشمم ز عین بیبصری مانده بینصیب
Зон хок дар ки серумаи аҳл басират аст
زان خاک در که سرمهٔ اهل بصیرت است
Рӯем ки нест бар кафи поиш ба сад ниёз
رویم که نیست بر کف پایش به صد نیاز
Аз инфеъол бар сари зонуӣ хиҷлат аст
از انفعال بر سر زانوی خجلت است
Дӯшам ки нест ғошияи каш дар рикоби ту
دوشم که نیست غاشیه کش در رکاب تو
Озурда аз гаронии бор мазаллат аст
آزرده از گرانی بار مذلت است
Дастам ки нест пеши ту бар синаи субҳу шом
دستم که نیست پیش تو بر سینه صبح و شام
Кӯтаҳи зи ҷайби айшу гиребон роҳат аст
کوته ز جیب عیش و گریبان راحت است
Поем азин гунаҳ ки на ҷорӣ ба роҳ туаст
پایم ازین گنه که نه جاری به راه توست
Мустуҷиби слосли қаҳр ва сиёсат аст
مستوجب سلاسل قهر و سیاست است
Гар даври чархи монеъам аз пой бӯс туаст
گر دور چرخ مانعم از پای بوس توست
Дар рӯзгори боиси тохир суҳбат аст
در روزگار باعث تاخیر صحبت است
Бар ман ҷафост варна сулаймони аҳд ро
بر من جفاست ورنه سلیمان عهد را
Дар анҷумани насиҳати мӯрӣ чаҳ ҳоҷат аст
در انجمن نصیحت موری چه حاجت است
Ман баъд рӯй муҳташам аз ҳеҷ рӯ мабод
مِن بعد روی محتشم از هیچ رو مباد
Давр аз дарат ки гуфта арбоб ҳиммат аст
دور از درت که گفته ارباب همت است