Камар ба кини ту эй дил чу ёри ҷонии баст
کمر به کین تو ای دل چو یار جانی بست
Тамаъи мадор ки дигари камари туоне баст
طمع مدار که دیگر کمر توانی بست
Ба базми васли қадам чун нуҳум ки исмат ӯ
به بزم وصل قدم چون نهم که عصمت او
Гушӯд дасту марои пои Комронии баст
گشود دست و مرا پای کامرانی بست
Дарӣ ки дида биравӣ дилам гушӯд ин буд
دری که دیده بروی دلم گشود این بود
Ки ишқ омад ва дарҳои шодмонии баст
که عشق آمد و درهای شادمانی بست
Гар аз хумори даҳуми ҷони аҷаби мадор эй дил
گر از خمار دهم جان عجب مدار ای دل
Ки соқӣ аз лаби ман оби зиндагонии баст
که ساقی از لب من آب زندگانی بست
Рух аз дарича маънӣ намӯд он ки ба ноз
رخ از دریچهٔ معنی نمود آن که به ناز
Миёни ҳасану назари сади лнтароне баст
میان حسن و نظر سد لن ترانی بست
Шикасти соғари дилро ба сад маломату боз
شکست ساغر دل را به صد ملامت و باز
Ба дастёрии як ишваи нҳоӣии баст
به دستیاری یک عشوهٔ نهائی بست
Ба ним маъзиратии он ҳам аз забони фиреб
به نیم معذرتی آن هم از زبان فریب
Дар ҳазор шикояти зи нуктаи донеи баст
در هزار شکایت ز نکته دانی بست
Чу кард қасди нигаҳ , кори ғайри сохт нахуст
چو کرد قصد نگه، کار غیر ساخت نخست
Ки чашм ӯ ба фиреб аз нигоҳбонии баст
که چشم او به فریب از نگاهبانی بست
Ба арзи ишқи ниҳони муҳташами забон чу гушӯд
به عرض عشق نهان محتشم زبان چو گشود
Миёнаи ман ва ӯ роҳи ҳамзабонии баст
میانهٔ من و او راه همزبانی بست