эй фалаки ҳишмат ки дар дукони назми муҳташам
ای فلک حشمت که در دکان نظم محتشم
Ба зи мадҳи муштарии гири ту як прголаҳ нест
به ز مدح مشتری گیر تو یک پرگاله نیست
Ваон арӯсонро ки дар ақди ту май орад ба назм
وان عروسان را که در عقد تو میآرد به نظم
Ҳеҷ якро эҳтиёҷи санъат даллола нест
هیچ یک را احتیاج صنعت دلاله نیست
Нутқаш аз ширинӣ дар саноят май наад
نطقش از شیرینی در ثنایت مینهد
Бар сари ҳам он қадари шукр ки дар бангола нест
بر سر هم آن قدر شکر که در بنگاله نیست
Бо дигар ашъор каз пай мерасад ин қитъа ҳаст
با دگر اشعار کز پی میرسد این قطعه هست
Коғазии бовай ки кӯтоҳяш дар дунбола нест
کاغذی باوی که کوتاهیش در دنباله نیست
Он қадар дар каз санояти дрдл зхор ӯст
آن قدر در کز ثنایت دردل ذخار اوست
Бар гули сад барги сӯрии сад як он жола нест
بر گل صد برگ سوری صد یک آن ژاله نیست
Абри табъаши бас ки ҳолои мустаъид бориш аст
ابر طبعش بس که حالا مستعد بارش است
Ҳеҷ моҳӣ бар сипеҳри Фкртш беҳола нест
هیچ ماهی بر سپهر فکرتش بیهاله نیست
ӯ чу дар ҷавлони гуҳи сад солаи мадҳати пои ниҳод
او چو در جولان گه صد سالهٔ مدحت پا نهاد
Венаи сухан беасл мисли шуъла ҷувола нест
وین سخن بیاصل مثل شعلهٔ جواله نیست
Ваҷҳи анъомаш ки марқӯмасту муҷрӣ дар барот
وجه انعامش که مرقوم است و مجری در برات
Ҳамчуи эҳсон дигар ёрон чаро ҳар сола нест
همچو احسان دگر یاران چرا هر ساله نیست