эй атои пеша ки дарёии сахоу карамат
ای عطا پیشه که دریای سخا و کرمت
Дар талотуми ҳамаи гавҳар ба канор андозад
در تلاطم همه گوهر به کنار اندازد
Муҳташам кист ки мисли ту гарони миқдорӣ
محتشم کیست که مثل تو گران مقداری
Биравӣ аз халқи сабки рӯҳ гузор андозад
بروی از خلق سبک روح گذار اندازد
Чун ба ин лутф сарафроз шуд акнӯн он ба
چون به این لطف سرافراز شد اکنون آن به
Кончаҳ дорад ба раҳати баҳр нисор андозад
کانچه دارد به رهت بهر نثار اندازد
Лек аз назми гарони санги муносиб тар нест
لیک از نظم گران سنگ مناسبتر نیست
Он чаҳ дар пои ту эй кӯҳ виқор андозад
آن چه در پای تو ای کوه وقار اندازد