Рӯзӣ ки мурғи ваҳшии дил бо ту ром буд
روزی که مرغ وحشی دل با تو رام بود
На номӣ аз қафас на нишонеи зи дом буд
نه نامی از قفس نه نشانی ز دام بود
Саркаш машав зи ноз ки гулчини рӯзгор
سرکش مشو ز ناز که گلچین روزگار
Бо гулбун ончӣ кард гули интиқом буд
با گلبن آنچه کرد گل انتقام بود
Мардуми зи орзӯии висоли ту кини самар
مردم ز آرزوی وصال تو کین ثمر
Ҳаргиз нагашт пухтау тобўди хом буд
هرگز نگشت پخته و تابود خام بود
Май каши ним кунун ки маро офарӣда анд
میکش نیم کنون که مرا آفریدهاند
Зон мушти гул ки гоҳи сабугоҳи ҷом буд
زان مشت گل که گاه سبوگاه جام بود
Афғон ки гашти ҳолаи хати бутаи гудоз
افغان که گشت هاله خط بوته گداز
Ҳасани туро ки ғайрати моҳи тамом буд
حسن ترا که غیرت ماه تمام بود
Шодами зи бихўдӣ ки чаҳ бо ғайр дидамаш
شادم ز بیخودی که چه با غیر دیدمش
Нашнохтам ки ғайр ки ва ӯ кадом буд
نشناختم که غیر کهو او کدام بود
Муштоқи лаб ба банд ки афтод дар қафас
مشتاق لب به بند که افتاد در قفس
Тӯтии бойени гуноҳ ки ширини калом буд
طوطی باین گناه که شیرین کلام بود