Чаҳ мекардамгар аз кафи доман васлат наме додам

چه می‌کردم گر از کف دامن وصلت نمی‌دادم

Призодии ту девон аз пяти ман одамии зодам

پریزادی تو دیوان از پِیَت من آدمی‌زادم

Рқибонт гирифтанд аз ман ва ман дар фиғон то кӣ

رقیبانت گرفتند از من و من در فغان تا کی

Сетанд додкри зини мардум бидодгар додам

ستاند دادکر زین مردم بیدادگر دادم

Чаҳ меояд зи ман нгзормтгар бо бидонадишон

چه می‌آید ز من نگذارمت گر با بداندیشان

Гирифтам бо ҷаҳонии душман аз баҳрати дарафтодам

گرفتم با جهانی دشمن از بهرت درافتادم

з ман дидӣ чаҳ ғайр аз роҳу расми бандагии кохр

ز من دیدی چه غیر از راه و رسم بندگی کآخر

Кашидӣ аз кафами домон ва рафтӣ сарви озодам

کشیدی از کفم دامان و رفتی سرو آزادم

Агарчӣ рафтӣу гаштам ба сад ғами мубтало аммо

اگرچه رفتی و گشتم به صد غم مبتلا اما

Ба ин каз давряти як дам нахоҳам зистани шодам

به این کز دوریت یک دم نخواهم زیستن شادم

Ба ҷони сахтӣ мисли дар ишқам аммо варзам аз ҷаврат

به جان سختی مثل در عشقم اما ورزم از جورت

Таҳаммул то ба кӣ охир на зи оҳан на зи фӯлодам

تحمل تا به کی آخر نه ز آهن نه ز فولادم

Хароб аз сайли ҳиҷр ӯ на муштоқи он қадри киштам

خراب از سیل هجر او نه مشتاق آنقدر کشتم

Ки ҷузи меъмори васлаш кас тавонад кард ободам

که جز معمار وصلش کس تواند کرد آبادم