Ба кафи пиёла ба гулшани рӯми чисон бе ту
به کف پیاله به گلشن روم چسان بیتو
Чаҳ хӯн чаҳ бода чаҳ гулхан чаҳ гулистон бе ту
چه خون چه باده چه گلخن چه گلستان بیتو
Чаҳ гулбунии ту ки ҳар сӯи баради саросема
چه گلبنی تو که هر سو برد سراسیمه
Дилам чу тоир гум карда ошён бе ту
دلم چو طایر گم کرده آشیان بیتو
Чаҳ гули зи васли туами бушковади маро ки гузашт
چه گل ز وصل توام بشکفد مرا که گذشت
Баҳори умр ба бе баррагии хазон бе ту
بهار عمر به بیبرگی خزان بیتو
Биё ки бо ту марои зистани дамии хуштар
بیا که با تو مرا زیستن دمی خوشتر
Ҳазор мартаба аз умри ҷовдон бе ту
هزار مرتبه از عمر جاودان بیتو
Ман аз ғами ту кашами хӯни ту бо ҳарифон май
من از غم تو کشم خون تو با حریفان می
Чунин ту бе ман ва ман мондаам чунон бе ту
چنین تو بیمن و من ماندهام چنان بیتو
Чунин ки ҷӯшад азуи хӯн чу хорўхс чаҳ аҷаб
چنین که جوشد ازو خون چو خاروخس چه عجب
Ба сайлам ар диҳад ин чашми хўнФшон бе ту
به سیلم ار دهد این چشم خونفشان بیتو
Наомадӣ ба канорами ту ва аз оташи шавқ
نیامدی به کنارم تو و از آتش شوق
Чу шамъи сӯхтам ва рафтам аз миён бе ту
چو شمع سوختم و رفتم از میان بیتو
зи нақш по нашносад касам ки аз хорӣ
ز نقش پا نشناسد کسم که از خواری
Баробарам ба замин карда осмон бе ту
برابرم به زمین کرده آسمان بیتو
Чаҳ донад онкӣ надидаст трктозии сайл
چه داند آنکه ندیدست ترکتازی سیل
Ба ман чаҳ мекунад ашки сабки Аннан бе ту
به من چه میکند اشک سبکعنان بیتو
Биёи зи лутф ва бибин бе қарории муштоқ
بیا ز لطف و ببین بیقراری مشتاق
Ки дигараш набӯд тоқат ва тавон бе ту
که دیگرش نبود طاقت و توان بیتو