МеРом чу зи ман давр шавад он бути дилҷӯ

میرم چو ز من دور شود آن بت دلجو

Рабти тан ва ҷонаст ба ҳам рабти ман ва ӯ

ربط تن و جان است به هم ربط من و او

Аз бекасе ам нест шикоят ки буд бас

از بی‌کسی‌ام نیست شکایت که بود بس

Бо доғи туами улфат ва бо дарди туами ху

با داغ توام الفت و با درد توام خو

Дар додани ҷони ҳоҷати саъй аҷалам нест

در دادن جان حاجت سعی اجلم نیست

Бас бошудам ?имае аз он гӯшаи абрӯ

بس باشدم ایمایی از آن گوشه ابرو

Чандон ки такаллум накунад он лаби хомӯш

چندان که تکلم نکند آن لب خاموش

Дорад ба ҳарифони сухани он чашми сухангӯ

دارد به حریفان سخن آن چشم سخنگو

Гум гашта диламро талабад аз хами он зулф

گم گشته دلم را طلبد از خم آن زلف

Ҷӯянд ва наёбандгар аз ҳалқаи гесу

جویند و نیابند گر از حلقه گیسو

Танҳо на манам бастаи зулфат ки басӣ ҳаст

تنها نه منم بسته زلفت که بسی هست

Ҷон дар бен ҳар торашу дил дар сар ҳар мӯ

جان در بن هر تارش و دل در سر هر مو

Боради ҳамаи таррорӣ аз он турраи пурфан

بارد همه طراری از آن طره پرفن

Резади ҳамаи айёрӣ аз он наргиси ҷодӯ

ریزد همه عیاری از آن نرگس جادو

Гар зон ки кашам аз ғами ишқат нае огоҳ

گر زان که کشم از غم عشقت نه‌ای آگاه

Зон рӯз ки ман дидаам он оризи некӯ

زان روز که من دیده‌ام آن عارض نیکو

Бингар ки шавад сӯрати олам ба ту равшан

بنگر که شود صورت عالم به تو روشن

Дар оинае ойина рӯй оинаи рӯ

در آینه‌ای آئینه روی آینه رو

Хуши онкии хиромии ту сӯии гулшану муштоқ

خوش آنکه خرامی تو سوی گلشن و مشتاق

Чун соя фитад дар паии он қомати дилҷӯ

چون سایه فتد در پی آن قامت دلجو