Шаб то саҳари ту масти шукри хоб
شب تا سحر تو مست شکر خواب
Бихўобими кишти давр аз ту дарёб
بیخوابیم کشت دور از تو دریاب
Дар водии ишқи мо ташна мардем
در وادی عشق ما تشنه مردیم
Ва онҷо чу гавҳар ҳар санги сероб
و آنجا چو گوهر هر سنگ سیراب
Чун роҳи мо тай гардад ки дорем
چون راه ما طی گردد که داریم
Ҷисмии гарони хези поӣии гарони хоб
جسمی گران خیز پائی گران خواب
Шояд ки ёбем гавҳар фикандем
شاید که یابیم گوهر فکندیم
Дилро бдрёи танро бғрқоб
دل را بدریا تن را بغرقاب
Моро чаҳ ъушрати зини базми коинҷо
ما را چه عشرت زین بزم کاینجا
Монадем танҳо рафтанди аҳбоб
ماندیم تنها رفتند احباب
Роҳами пар аз санги пои талаби ланг
راهم پر از سنگ پای طلب لنگ
Вақтами аҷаби танг мақсӯд ноёб
وقتم عجب تنگ مقصود نایاب
Чун умрро тан гардад Аннани гир
چون عمر را تن گردد عنان گیر
Гирдасту сарсари хошоку сайлоб
گرد است و صرصر خاشاک و سیلاب
Бар кафи саборо зулфи ту вази ршг
بر کف صبا را زلف تو وز رشگ
Муштоқро ҳол чун ришта бе тоб
مشتاق را حال چون رشته بیتاب