Бози саргармтар аз рақси шарар май оӣӣ
باز سرگرمتر از رقص شرر میآئی
Шуълаи сон бар зада доман ба камар май оӣӣ
شعلهسان بر زده دامن به کمر میآئی
Арақи олӯдатар аз лолатар май оӣӣ
عرق آلودهتر از لاله تر میآئی
Рух барафрӯхта дигар ба назар май оӣӣ
رخ برافروخته دیگر به نظر میآئی
Аз шикори дили гарм ки дигар май оӣӣ
از شکار دل گرم که دگر میآئی
Гули бад-ӣни ранги з гулзор наёяд берун
گل بدین رنگ ز گلزار نیاید بیرون
Меҳр аз толеъ анвор наёяд берун
مهر از طالع انوار نیاید بیرون
Моҳ аз ҷайби шаб тор наёяд берун
ماه از جیب شب تار نیاید بیرون
Аз садафи гавҳар шҳўор наёяд берун
از صدف گوهر شهوار نیاید بیرون
Ба сФоӣӣ ки ту аз хона ба дар май оӣӣ
به صفائی که تو از خانه به در میآئی
Маҳви рухсори ту эй моҳ ҷабин нест ки нест
محو رخسار تو ای ماه جبین نیست که نیست
Бинмо лаълтар аз зер нигин нест ки нест
بنما لعلتر از زیر نگین نیست که نیست
Дар раҳати бохтаи ҷону дил дайн нест ки нест
در رهت باخته جان و دل دین نیست که نیست
Куштаи нози ту бар рӯй замин нест ки нест
کشته ناز تو بر روی زمین نیست که نیست
Ки чу хуршеди ту бо теғу сипар май оӣӣ
که چو خورشید تو با تیغ و سپر میآئی
Бскаҳ аз базми ту эй шӯхи балои ҳайронам
بسکه از بزم تو ای شوخ بلا حیرانم
Хабарам нест ки чун маҳв ва чаро ҳайронам
خبرم نیست که چون محو و چرا حیرانم
Ҳамчу ойина надонам бкҷои ҳайронам
همچو آئینه ندانم بکجا حیرانم
Ин латофат ки туро дода худои ҳайронам
این لطافت که ترا داده خدا حیرانم
Ки чисони аҳли назарро баназар май оӣӣ
که چسان اهل نظر را بنظر میآئی
Чанд байнами дили шӯридаи гирифтори туро
چند بینم دل شوریده گرفتار ترا
Ҷони ғам сӯхта мехост чаҳ бисёр туро
جان غم سوخته میخواست چه بسیار ترا
Кист коваради бад-ӣни шухии рафтори туро
کیست کاورد بدین شوخی رفتار ترا
намечакад оби ҳаёт аз гули рухсори туро
میچکد آب حیات از گل رخسار ترا
Чашми бади давр ки хуши тоза ватар май оӣӣ
چشم بد دور که خوش تازه و تر میآئی
Зуҳра кист басӯи ту тавонад дидан
زهره کیست بسوی تو تواند دیدن
Икнзр рӯй накӯй ту тавонад дидан
یکنظر روی نکوی تو تواند دیدن
Сари кро дар сркўӣ ту тавонад дидан
سر کرا در سرکوی تو تواند دیدن
Кист густох ки сӯй ту тавонад дидан
کیست گستاخ که سوی تو تواند دیدن
Ки ърқноки зи ойинаи бадар май оӣӣ
که عرقناک ز آئینه بدر میآئی
Сабр бо ҷон касе лутф каломат нагузошт
صبر با جان کسی لطف کلامت نگذاشت
Тоб дар ҳеҷ дилии зулф чу шомат нагузошт
تاب در هیچ دلی زلف چو شامت نگذاشت
Ҳеҷ мурғии бчмни ҷазба домат нагузошт
هیچ مرغی بچمن جذبه دامت نگذاشت
Асари аздину дилу ҳуш хиромат нагузошт
اثر ازدین و دل و هوش خرامت نگذاشت
Дигар аз хона бомед чаҳ дар май оӣӣ
دگر از خانه بامید چه در میآئی
Хостами пуртӯй аз рӯй чу моҳати гирам
خواستم پرتوی از روی چو ماهت گیرم
Пешами оӣӣу сари зулфи сиёҳати гирам
پیشم آئی و سر زلف سیاهت گیرم
Кӣ тавонам ки дар оғӯши гумонати гирам
کی توانم که در آغوش گمانت گیرم
Ман ба як чашми кадомин сари роҳати гирам
من به یک چشم کدامین سر راهت گیرم
Ки ту дар ҷилваи бсди роҳгзр май оӣӣ
که تو در جلوه بصد راهگذر میآئی
Мекунад муҳаррамии ойинау ношоди туро
میکند محرمی آئینه و ناشاد ترا
Чашми бади даври ҳаёи рӯзи фузуни боди туро
چشم بد دور حیا روز فزون باد ترا
Гарчи тар доманем ғайр нишон дод туро
گرچه تر دامنیم غیر نشان داد ترا
намеравад домани поки садаф аз ёди туро
میرود دامن پاک صدف از یاد ترا
Ки дар оғӯши ман эй софи гуҳар май оӣӣ
که در آغوش من ای صاف گهر میآئی
Макун эй гулшани хӯбии зи ту бо ҳасану ҷамол
مکن ای گلشن خوبی ز تو با حسن و جمال
Манеҳ бар рӯй ман хаста дар боғу висол
منه بر روی من خسته در باغ و وصال
Мардум аз ҳасрати оғӯши ту эй шӯхи ғизол
مردم از حسرت آغوش تو ای شوخ غزال
Ваҳшат аз суҳбат ишқам макун эй тозаи ниҳол
وحشت از صحبت عشقم مکن ای تازه نهال
Кари зи пайванди накӯтар бсмр май оӣӣ
کر ز پیوند نکوتر بثمر میآئی
Гоҳи ҷузи ханда бару барг дигар нест туро
گاه جز خنده بر و برگ دگر نیست ترا
Аз ҳаёи гоҳ дар ойина назар нест туро
از حیا گاه در آئینه نظر نیست ترا
Ғайри найрангу фусуни корд гар нест туро
غیر نیرنگ و فسون کارد گر نیست ترا
Чаҳ аҷаби ошиқи як ранг агар нест туро
چه عجب عاشق یک رنگ اگر نیست ترا
Ки ту ҳар дами баназари ранг дигар май оӣӣ
که تو هر دم بنظر رنگ دگر میآئی
Навбаҳорасту чамани рашк чироғон гардид
نوبهار است و چمن رشک چراغان گردید
Машъали лола дигар бор фурӯзон гардид
مشعل لاله دگر بار فروزان گردید
Булбули гулшани тасвир ғзлхўон гардид
بلبل گلشن تصویر غزلخوان گردید
Самар аз сарву гул аз бед намоён гардид
ثمر از سرو و گل از بید نمایان گردید
Кӣ ту эй сарви гули андоми бабр май оӣӣ
کی تو ای سرو گل اندام ببر میآئی
Аз дил сӯхтаам буии кабобӣ монда аст
از دل سوختهام بوی کبابی مانده است
Дар таҳи соғари ҷони ҷуръаи шаробӣ монда аст
در ته ساغر جان جرعه شرابی مانده است
Бо ту дар зери лабами ним ҷавонӣ монда аст
با تو در زیر لبم نیم جوانی مانده است
Аз ҳаётами нафасии пои бркобӣ монда аст
از حیاتم نفسی پا برکابی مانده است
намеравад вақти бболинм агар май оӣӣ
میرود وقت ببالینم اگر میآئی
Ғусл аз оби рухи файзи чаман май бояд
غسل از آب رخ فیض چمن میباید
Беш аз буии гули тозаи кафан май бояд
بیش از بوی گل تازه کفن میباید
Аввалин гом ба фирдавси ватан май бояд
اولین گام به فردوس وطن میباید
Ҷони ман дар ивази ҷони куҳан май бояд
جان من در عوض جان کهن میباید
Ҳаркиро дар дами охири ту басар май оӣӣ
هرکه را در دم آخر تو بسر میآئی
Дар сари кӯии ту эй моҳи бахӯбии шойиъ
در سر کوی تو ای ماه بخوبی شایع
Умр бигузашт ва нашуд меҳри ҷамолати толеъ
عمر بگذشت و نشد مهر جمالت طالع
Аз куҷо боз шавад ҷони бФдоити монеъ
از کجا باز شود جان بفدایت مانع
Гашти хуршеди ҷҳонтоби зи мағриби толеъ
گشت خورشید جهانتاب ز مغرب طالع
Кӣ ту эй сангдил аз хонаи бадар май оӣӣ
کی تو ای سنگدل از خانه بدر میآئی
эй зи рухсори ту гулҳои чаман дар озарм
ای ز رخسار تو گلهای چمن در آزرم
Меҳр дар кор ба қурбони ту рафтани саргарм
مهر در کار به قربان تو رفتن سرگرم
Нашуд аз гармии саҳбои дили сангини тўнрм
نشد از گرمی صهبا دل سنگین تونرم
Брнёиди маи рӯяти балӣ аз пардаи шарм
برنیاید مه رویت بلی از پرده شرم
Кӣ дигар аз таҳи ин абри бадар май оӣӣ
کی دگر از ته این ابر بدر میآئی
Дар гулзор агар бар рухи мо банд шавад
در گلزار اگر بر رخ ما بند شود
Булбули шефтаи мо бача хўрснд шавад
بلبل شیفته ما بچه خورسند شود
Дил чаро биҳдаҳ дар доми ту побанд шавад
دل چرا بیهده در دام تو پابند شود
Бачаи умед касе аз ту барӯманд шавад
بچه امید کسی از تو برومند شود
На бзорӣ на бзўр ва на бзр май оӣӣ
نه بزاری نه بزور و نه بزر میآئی
эй ғами ишқи ту ҳар кишвари дилҳо волӣ
ای غم عشق تو هر کشور دلها والی
Ахтари ҳасани ту машҳур ба фаррухи фолӣ
اختر حسن تو مشهور به فرخ فالی
Субҳи дидори ту сармояи сдхўшҳолӣ
صبح دیدار تو سرمایه صدخوشحالی
Он қадр бош ки чун не шавад аз худ холӣ
آنقدر باش که چون نی شود از خود خالی
Ки ба оғӯши ман эй танги шукр май оӣӣ
که به آغوش من ای تنگ شکر میآئی