Аз чамани афғони кунони берун чу булбул май рӯм
از چمن افغان کنان بیرون چو بلبل می روم
Бедимоғам дар суроғи накҳати гул май рӯм
بی دماغم در سراغ نکهت گل می روم
Дар бисотами зод роҳӣ нест ҷузи саргаштагӣ
در بساطم زاد راهی نیست جز سرگشتگی
Гирди бодам дар биёбони таваккул май рӯм
گرد بادم در بیابان توکل می روم
намекунанд озодагони аввали фалакро поймол
می کنند آزادگان اول فلک را پایمال
Мавҷи сайли навбаҳорам аз сари пул май рӯм
موج سیل نوبهارم از سر پل می روم
Аз ҷунун печидаам доман ба занҷири камар
از جنون پیچیده ام دامن به زنجیر کمر
Аз чамани имрӯз ҳамчун буии сунбул май рӯм
از چمن امروز همچون بوی سنبل می روم
Гар гузорами пои худ дар кӯчаи боғи аҳли ҷоҳ
گر گذارم پای خود در کوچه باغ اهل جاه
Ҳамчуи боди субҳ бо чандини тағофул май рӯм
همچو باد صبح با چندین تغافل می روم
Нест аз ошуфтагии тоби мулоқот касе
نیست از آشفتگی تاب ملاقات کسی
Аз насимӣ ҳар тараф чун зулфи кокул май рӯм
از نسیمی هر طرف چون زلف کاکل می روم
Чун Асои андеша ӣӣ аз кас надорам сидо
چون عصا اندیشه یی از کس ندارم سیدا
Пеши пеши душмани худ бетаъаммул май рӯм
پیش پیش دشمن خود بی تأمل می روم