Ба ҳарфи ғайр май хоҳии ту озори дили мо ро
به حرف غیر می خواهی تو آزار دل ما را
Ба қавли муддаӣ оташ мазан сари манзили мо ро
به قول مدعی آتش مزن سر منزل ما را
Чаро дар пурсиши аҳволи мо ӣстодагии дорӣ
چرا در پرسش احوال ما ایستادگی داری
Ба ҳарфӣ ме тавон кардан ту осони мушкили мо ро
به حرفی می توان کردن تو آسان مشکل ما را
Нахоҳад монад аз васвоси шайтони ҳеҷ каси эмин
نخواهد ماند از وسواس شیطان هیچ کس ایمن
зи раҳи ноқоблони бурданди ёри қобили мо ро
ز ره ناقابلان بردند یار قابل ما را
Ба сӯии он ҷафоҷу сидо хоҳам ишорат кард
به سوی آن جفاجو سیدا خواهم اشارت کرد
Агар пурсанад дар рӯзи қиёмати қотили мо ро
اگر پرسند در روز قیامت قاتل ما را