Фироқи дӯстон чун лолаи доғам бар ҷигар дорад
می وصل دادم از کف غم دردسر گرفتم
Нишоти бодаи айём дар паии дард сар дорад
تب هجر زد شبیخون ره چشم تر گرفتم
Шудам хоку марои боди сабои овора тар дорад
به دل شراره افشان قدر شرر گرفتم
Ғуборамро насим аз нотавонӣ дар ба дар дорад
همه تن ز آتش دل چو چنار در گرفتم
Ғариби кишвари толеъ чаҳ пурвой сафар дорад
ز دلم خبری نداری ز دلت خبر گرفتم
Ба даври ҳасани худ ҳам ҷоми мо хоҳӣ шудани охир
به جهان نمانده هرگز قدری ز مهربانی
Барои донае дар доми мо хоҳӣ шудани охир
سر خود کشیدم آخر به دیار بی نشانی
Чу май рӯзии ту ҳам бар ҷоми мо хоҳӣ шудани охир
به هوای شاهبازی ز کمال ناتوانی
Ба афсуни муҳаббати роми мо хоҳӣ шудани охир
پر و بال می نمودم چو تذرو بوستانی
Чунин бегонаи гаштани зи ошноӣиҳо хабар дорад
تو به عشوه رخ نمودی کمی بال و پر گرفتم
Бутӣ дорам ки чашми марҳамати пайваста май пӯшад
سر خویش پیر کنعان به میان پیرهن زد
Ба қавли муддаӣ бо қатли ман ҳар лаҳза ме кӯшад
ز دو دیده اشک حسرت به چراغ انجمن زد
Чу баъд аз маргами он нави хати бғирии бода май нӯшад
به هوای مصر یوسف کف پای بر وطن زد
зи хоками сабза май раведи зи хӯнам лола ме ҷӯшад
دم واپسین زلیخا به همین ترانه تن زد
Баҳори гулшани хунини дилони файз дигар дорад
که به جذبه محبت پسر از پدر گرفتم
Фитода бар серум эй ҳмншинони шуълаи савдо
همه عمر طفل اشکم به دو دیده بود حاضر
Чу шамъ аз сӯзи дили оташи занам бар кишвари аъзо
دل خسته ام غم خود به کسی نکرد ظاهر
Маро аз ҳар тараф гардӣда сад дарду ?илами пайдо
ز غم قد تو بودم به نهال سرو شاکر
Фалак то ошнои толеъи забуни маъшӯқ бе парво
ز دراز آرزویی من و دست کوته آخر
Магари афтодагии рӯзии маро аз хок бардорад
نه تو را به برکشیدم نه دل از تو برگرفتم
Чу шабнами сидо ҳар кас ки аз худ даст ме шавед
دل غیر کرده روشن به کرشمه تجلی
Раҳи афлокро монандаи ӣӣ хуршед ме пуед
رخ سیدا ز غیرت شده آشنا به سیلی
Ба гулшани тӯтӣу булбул ба сад фарёд ме гуяд
منشین دگر چو مجنون به خیال وصل لیلی
Ба қадари ҳиммати худ ҳар ки бошад фахр ме ҷӯяд
به تلاش گوش منجر نشوی بدین تسلی
Чамани гули нешикари соиби ғазали дарё гуҳар дорад
که ز فرقدان جوزا کله و کمر گرفتم