Рӯзаи маҳмили баст ва дорам оҳу афғон чун ҷарас
روزه محمل بست و دارم آه و افغان چون جرس
Рӯзгорӣ шуд ки бо он моҳ будам ҳамнафас
روزگاری شد که با آن ماه بودم همنفس
Гӯш на имрӯз бар фарёдам эй фарёди рас
گوش نه امروز بر فریادم ای فریاد رس
Ид шуд ҳар каси зи ёраш иде дорад ҳавас
عید شد هر کس ز یارش عیدیی دارد هوس
Иди моу идеи мо дидан рӯй ту бас
عید ما و عیدیی ما دیدن روی تو بس
Нусрату фатҳу зафари бахту саодати ёри ту
نصرت و فتح و ظفر بخت و سعادت یار تو
Рӯзу шаби иқбол ва давлат ҳаст хдмтгори ту
روز و شب اقبال و دولت هست خدمتگار تو
Чашми мо равшан буд аз партави дидори ту
چشم ما روشن بود از پرتو دیدار تو
Иди мардум дидани маи иди мо рухсори ту
عید مردم دیدن مه عید ما رخسار تو
Ҳамчуи иди мо муборак нест иди ҳеҷ кас
همچو عید ما مبارک نیست عید هیچ کس
Соғари базмат лаболаб бошад аз оби зулол
ساغر بزمت لبالب باشد از آب زلال
Табъи софатро мабод аз гардиши даврони малол
طبع صافت را مباد از گردش دوران ملال
Сокинон боғ мегӯйанд шоҳои арзи ҳол
ساکنان باغ می گویند شاها عرض حال
Мо асири ҳиҷру халқии муҳаррами базми висол
ما اسیر هجر و خلقی محرم بزم وصال
Хор бо гули ҳамдаму булбули гирифтори қафас
خار با گل همدم و بلبل گرفتار قفس
Рӯзгорӣ шуд ки ҳастам бар дуояти устувор
روزگاری شد که هستم بر دعایت استوار
Нест чун парвонаи шабҳо мурғи рӯҳамро қарор
نیست چون پروانه شبها مرغ روحم را قرار
Оташ афтодаст бар рагҳои ҷонами шуълаи вор
آتش افتادست بر رگهای جانم شعله وار
Сӯхти ҷони ман агар оҳии кашами маъзӯри дор
سوخت جان من اگر آهی کشم معذور دار
Дӯди хезади лоҷарам ҳар ҷо ки бошад хору хас
دود خیزد لاجرم هر جا که باشد خار و خس
Бар сари кӯй ту дорад сидои ҳоли табоҳ
بر سر کوی تو دارد سیدا حال تباه
Нест ҳамчун соя ӯро ғайри деворати паноҳ
نیست همچون سایه او را غیر دیوارت پناه
наметавон гирданд аз рӯй тараҳҳуми як нигоҳ
می توان گرداند از روی ترحم یک نگاه
намеравад фарёди ҷомӣ бе рахти шабҳо ба моҳ
می رود فریاد جامی بی رخت شبها به ماه
эй маи номеҳрбони рӯзӣ ба фарёдам барис
ای مه نامهربان روزی به فریادم برس