эй ки рахт ба равшании ғайрат офтоб шуд
ای که رخت به روشنی غیرت آفتاب شد
Хуфтаи зи шарми мардумии чашми хушат ба хоб шуд
خفته ز شرم مردمی چشم خوشت به خواب شد
Нофа ба буии зулфи ту , омаду гашти хоки раҳ
نافه به بوی زلف تو، آمد و گشت خاک ره
Гули зи ҳавоӣ оризат рафт ва дар оташ об шуд
گل ز هوای عارضت رفت و در آتش آب شد
Сарв чу дид қоматат , рафт ба хештани фурӯ
سرو چو دید قامتت، رفت به خویشتن فرو
Маи зи рухи тўош ҳаё омад ва дар ниқоб шуд
مه ز رخ تواش حیا آمد و در نقاب شد
Чашми ту дӯш дар дилами басти хаёли сархушӣ
چشم تو دوش در دلم بست خیال سرخوشی
Чун қадаҳи лаби туами дидаи пар аз шароб шуд
چون قدح لب توام دیده پر از شراب شد
Гуфт ки ҳастам , офтоб , оинаи дор рӯй ту
گفت که هستم، آفتاب، آینه دار روی تو
Дӯд ба сари баромадаши зулфи ту зон битоб шуд
دود به سر برآمدش زلف تو زان بتاب شد
Ҷумлаи лутфи дилбарон рӯй ту ҷамъ кард аз он
جمله لطف دلبران روی تو جمع کرد از آن
Мусҳафи ҳасанро рахти фотиҳа алкитоб шуд
مصحف حسن را رخت فاتحة الکتاب شد
Мутриби ишқи нукта Эй гуфт магар ба гӯши кас
مطرب عشق نکته ای گفت مگر به گوش کس
Кин ҷигари ҳазини мо зи оташ ӯ кабоб шуд
کاین جگر حزین ما ز آتش او کباب شد
Бахти саодат азал ҳаст мулозим дараш
بخت سعادت ازل هست ملازم درش
Он ки ба рӯй давлаташи васли ту фатҳ боб шуд
آن که به روی دولتش وصل تو فتح باب شد
Рафъи ҳиҷоб кӣ кунад аз рухи бахти ҷовдон
رفع حجاب کی کند از رخ بخت جاودان
Он ки з рӯй ҳастиаш як сари мӯ ҳиҷоб шуд
آن که ز روی هستی اش یک سر مو حجاب شد
Ганҷи висол , орзӯи ҳаркас агарчӣ ме кунад
گنج وصال، آرزو هرکس اگرچه می کند
Дар сару кори ин талаби ошиқи дил хароб шуд
در سر و کار این طلب عاشق دل خراب شد
Дил ба дуои висол ӯ хоста буд ҳотифӣ
دل به دعا وصال او خواسته بود هاتفی
Гуфт насимии ин дуои мужда ки мустаҷоб шуд
گفت نسیمی این دعا مژده که مستجاب شد