эй сабо ҳаст рухи ёр ба ғояти нозук
ای صبا هست رخ یار به غایت نازک
Лаби фурӯи банду нигаҳи дор ба ғояти нозук
لب فرو بند و نگه دار به غایت نازک
Аз ман ошиқ агар зон ки хаёлат бошад
از من عاشق اگر زان که خیالت باشد
Боз пресс аз гули рухсор ба ғояти нозук
باز پرس از گل رخسار به غایت نازک
Онгаҳ оҳиста бигӯ ҳоли дилам бо чашмаш
آنگه آهسته بگو حال دلم با چشمش
Зон ки бошад дили бемор ба ғояти нозук
زان که باشد دل بیمار به غایت نازک
Пеши чашму лаб ӯ бош даҳани баста ки ҳаст
پیش چشم و لب او باش دهنبسته که هست
Қоматаши фитнау рафтор ба ғояти нозук
قامتش فتنه و رفتار به غایت نازک
( чун шӯй маст макун арбада бо ғамза ӯ
(چون شوی مست مکن عربده با غمزهٔ او
Ки буд ғамзаи дилдор ба ғояти нозук )
که بُوَد غمزهٔ دلدار به غایت نازک)
( саҷда шукр кун аз ман бар он сарв ки ҳаст
(سجدهٔ شکر کن از من بر آن سرو که هست
Қоматаши фитнау рухсор ба ғояти нозук )
قامتش فتنه و رخسار به غایت نازک)
( бо лабаши дам гар занад нафхаи дами сидқи гӯй
(با لبش دم گر زند نفخه دم صدق گوی
Ки лабаш ҳаст ба гуфтор ба ғояти нозук )
که لبش هست به گفتار به غایت نازک)
Бо даҳонаш бирасон аз дили тангами хабарӣ
با دهانش برسان از دل تنگم خبری
Ҳамчуи он танги шкрбор ба ғояти нозук
همچو آن تنگ شکربار به غایت نازک
Чораи ин дил пурдард надонам чаҳ кунам
چاره این دل پردرد ندانم چه کنم
Пар шудаи бодаи асрор ба ғояти нозук
پر شده بادهٔ اسرار به غایت نازک
Буд нозуки зи ғамати ҷони насимии ҳамаи умр
بود نازک ز غمت جان نسیمی همه عمر
Раҳматӣ кун ки шуд ин бор ба ғояти нозук
رحمتی کن که شد این بار به غایت نازک