Чаҳ нукта буд ки ногуҳи зи ғайб пайдо шуд

چه نکته بود که ناگه ز غیب پیدا شد

Ҳар онкии воқифи ин нуктаи гашт шайдо шуд

هر آنکه واقف این نکته گشت شیدا شد

Чаҳ маҷлисаст ва чаҳ базмӣ ки аз май ваҳдат

چه مجلس است و چه بزمی که از می وحدت

Муҳӣт қатра шуд ӣнҷоу қатра дарё шуд

محیط قطره شد اینجا و قطره دریا شد

Муҳӣт бар ҳамаи ашё аз он ҷиҳат шуда ем

محیط بر همه اشیا از آن جهت شده ایم

Ки навен нутқи илоҳии ҳақиқат мо шуд

که نون نطق الهی حقیقت ما شد

Ба ғамзаи мардуми чашмат чаҳ фитна кард зи пеш

به غمزه مردم چشمت چه فتنه کرد ز پیش

Ки ҷони зиндаи дилонаши асир савдо шуд

که جان زنده دلانش اسیر سودا شد

Рахт чаҳ нақш намӯд эй санам дар ойӣна

رخت چه نقش نمود ای صنم در آیینه

Ки тӯтӣ хирад омад ба нутқ ва гуё шуд

که طوطی خرد آمد به نطق و گویا شد

Дилами зи фитнаи даҷол аз он шудааст эмин

دلم ز فتنه دجال از آن شده است ایمن

Ки рӯҳи қудсии мо ҳамдам масеҳо шуд

که روح قدسی ما همدم مسیحا شد

Ниқоб зулф бпушон бар офтоби рахт

نقاب زلف بپوشان بر آفتاب رخت

Ки сари ҳардуи ҷаҳон дар тибқ ҳувайдо шуд

که سر هردو جهان در طبق هویدا شد

Биёу сари мсмо аз исми одами ҷӯй

بیا و سر مسما از اسم آدم جوی

Ки мустаҳаққи суҷуд ( ш ) малик ба асмо шуд

که مستحق سجود (ش) ملک به اسما شد

Маро ба ваъдаи фардои з раҳ мабар комрўз

مرا به وعده فردا ز ره مبر کامروز

зи лаъли ёри ҳамаи коми дил муҳайё шуд

ز لعل یار همه کام دل مهیا شد

Мазан зи сари ниҳони баъд аз ин дам , эй сӯфӣ

مزن ز سر نهان بعد از این دم، ای صوفی

Ки ҳарчӣ дар ттқи ғайб буд пайдо шуд

که هرچه در تتق غیب بود پیدا شد

Ба буии зулфи ту чандон давиди оҳӯии чин

به بوی زلف تو چندان دوید آهوی چین

Ки ногуҳ аз камар афтоду ноф ӯ во шуд

که ناگه از کمر افتاد و ناف او وا شد

Насимӣ аз ду ҷаҳони нафии ғайр аз онру кард

نسیمی از دو جهان نفی غیر از آنرو کرد

Ки нури зоти ту айни вуҷӯд ашё шуд

که نور ذات تو عین وجود اشیا شد