Чун арӯси ҳиҷлаи фирӯзаи гаван
چون عروس حجلهٔ فیروزه گون
Маҳди заррини баст бар пушти ҳиўн
مهد زرّین بست بر پشت هیون
Шуд қатори ғами равони сӯии ҳҷиз
شد قطار غم روان سوی حجیز
Бо дили пари хӯну чашми ашкриз
با دل پر خون و چشم اشکریز
Юсуфи оли паямбар бо бшир
یوسف آل پیمبر با بشیر
Гуфт : к-эии фарзонаи равшани замир
گفت: کای فرزانهٔ روشن ضمیر
Ҳин ба сӯии шаҳри Ясриби рони каммият
هین به سوی شهر یثرب ران کمیت
Даҳ хабарашони моҷарои аҳли байт
ده خبرشان ماجرای اهل بیت
Шуд равони он ноъӣ нохуши хабар
شد روان آن ناعی ناخوش خبر
То ба назд равзаи хайри албшр
تا به نزد روضهٔ خیر البشر
Гуфт нолони к-эии муқӣмони ҳарам
گفت نالان کای مقیمان حرم
Ман расӯли зодаи пайғамбарам
من رسول زادۀ پیغمبرم
Гашта шуд сибти расӯли оламин
گشته شد سبط رسول عالمین
Офтоби Ясрибу бтҳои ҳусайн
آفتاب یثرب و بطحا حسین
Шуд ба хӯни хеши ғалатони пайкараш
شد به خون خویش غلطان پیکرش
Дасти дунони найзаи гардони сараш
دست دونان نیزه گردان سرش
Аҳли Ясрибро аз ин нохуши навид
اهل یثرب را از این ناخوش نوید
Нола бар на парда гардун расед
ناله بر نه پردۀ گردون رسید
Субҳи айши оли ҳошим шом шуд
صبح عیش آل هاشم شام شد
Дар Мадинаи растхез ом шуд
در مدینه رستخیز عام شد
Аҳли Ясриб аз сағир ва аз кабӣр
اهل یثرب از صغیر و از کبیر
Аз Нидоӣ ғам физой он бшир
از ندای غم فزای آن بشیر
Сӯии харгоҳ имомат тохтанд
سوی خرگاه امامت تاختند
Сари зи поу пои з сар нашнохтанд
سر ز پا و پا ز سر نشناختند
Шуд бенот оли ҳошим аз хдўр
شد بنات آل هاشم از خُدور
Сари занони берун чу аз машриқи бадӯр
سر زنان بیرون چو از مشرق بُدور
Анҷумани гаштанди гирди духти шоҳ
انجمن گشتند گرد دخت شاه
Глрхон чун ҳолаи гирди қурси моҳ
گلرخان چون هاله گرد قرص ماه
Сиҳаҳ восидоаҳ афроштанд
صیحهٔ واسیّداه افراشتند
Мъҷри сғрои з сар бардоштанд
معجر صغرا ز سر برداشتند
Шуд бурӣдаи гесувони мшкбиз
شد بریده گیسوان مشکبیز
Чашмҳои наргисин шуд ашкриз
چشم های نرگسین شد اشکریز
Гуфт он бонӯии харгоҳи ифоф
گفت آن بانوی خرگاه عفاف
Бо бенот дӯдаи оли мноФ
با بنات دوده آل مناف
Фош бар гўӣиди биллоҳ ҳол чист ?
فاش بر گوئید باللّه حال چیست؟
Ин фиғону шӯру ғавғо баҳр кист ?
این فغان و شور و غوغا بهر کیست؟
Сар занон гуфтанд к-эии зоди батул
سر زنان گفتند کای زاد بتول
Баҳри шоҳи ташнаи лаби сибти расӯл
بهر شاه تشنه لب سبط رسول
Каз ҷафои кӯфӣон дар Карбало
کز جفای کوفیان در کربلا
Кушта шуд он шоҳи иқлӣми вло
کشته شد آن شاه اقلیم ولا
Сарвҳои бӯстони Мустафо
سروهای بوستان مصطفی
Бар нишаст аз боди кин яксар зи по
بر نشست از باد کین یکسر ز پا
Аз сумум афтод дар гулшани ҳариқ
از سموم افتاد در گلشن حریق
Акбарат чун лола дар хӯн шуд ғариқ
اکبرت چون لاله در خون شد غریق
Ҷисми поки қосими нави кадхудо
جسم پاک قاسم نو کدخدا
Гашта чун барги хазон аз ҳам ҷудо
گشته چون برگ خزان از هم جدا
Тай шуд аз гетии бисоти хўшдлӣ
طی شد از گیتی بساط خوشدلی
КоўФтодаҳи дасти аббоси алӣ
کاوفتاده دست عباس علی
Асғари ширини лаб аз пистони тир
اصغر شیرین لب از پستان تیر
Хӯрд хӯни ҳалқи нозуки ҷои шер
خورد خون حلق نازک جای شیر
Гашта Абдуллоҳи гули боғи ҳасан
گشته عبدالله گل باغ حسن
Дар канори шаҳи ҷудои дасташи зи тан
در کنار شه جدا دستش ز تن
Пари шикастаи тоиронро кӯфӣон
پر شکسته طایران را کوفیان
Сӯхта аз оташи кини ошён
سوخته از آتش کین آشیان
Гашти ҷои моҳрӯёни ҳҷиз
گشت جای ماهرویان حجیز
Уштурон беиморӣу ҷҳиз
اشتران بی عماری و جهیز
Ин ҳадис омад чу он маро ба гӯш
این حدیث آمد چو آن مه را به گوش
Нола аз дил баркашид ва шуд зи ҳуш
ناله از دل برکشید و شد ز هوش
Чун ба ҳуш омад гиребон бар дарид
چون به هوش آمد گریبان بر درید
К-эй дариғо шуд сияҳи субҳи умед
کای دریغا شد سیه صبح امید
Бехати гардуни хоки олам бар серум
بیخت گردون خاک عالم بر سرم
Кошкӣ ҳаргизи нзодии модарам
کاشکی هرگز نزادی مادرم
Бо бенот ҳошими он бонӯии род
با بنات هاشم آن بانوی راد
Рӯи сӯии харгоҳи оли аллоҳи ниҳод
رو سوی خرگاه آل الله نهاد
Аз фиғони бонувон дар хаймаи гоҳ
از فغان بانوان در خیمه گاه
Шуд фазои пари нолаи моҳӣ то ба моҳ
شد فضا پر ناله ماهی تا به ماه
Хоҷаи саҷҷоди шоҳи дайн пажӯҳ
خواجۀ سجاد شاه دین پژوه
Шуд ба минбари боз , гуфтои к-эии гуруҳ
شد به منبر باز، گفتا کای گروه
Ҳамди эзадро ки аз лутфи ҷлӣ
حمد ایزد را که از لطف جلی
Карда махсӯси балои оли алӣ
کرده مخصوص بلا آل علی
Ҳалқи рӯбаҳ дар хур занҷир нест
حلق روبه در خور زنجیر نیست
Лоиқи занҷир ӯ ҷуз шер нест
لایق زنجیر او جز شیر نیست
Ошиқонаш кӣ гурезанд аз бало
عاشقانش کی گریزند از بلا
Кони балоро ӯ буд соҳиби сало
کان بلا را او بود صاحب صلا
Поки яздоне ки чун халқи офарид
پاک یزدانی که چون خلق آفرید
Ин балоро ғайри мо дар хур надид
این بلا را غیر ما در خور ندید
Кушта шуд лаби ташнаи шоҳи машриқин
کشته شد لب تشنه شاه مشرقین
Нури чашми сарвари мардони ҳусайн
نور چشم سرور مردان حسین
Шуд асири кӯфӣон бе вафо
شد اسیر کوفیان بی وفا
Бонувону кӯдакони маи лақо
بانوان و کودکان مه لقا
Шуд сараш чун кӯии меҳри тобдор
شد سرش چون کوی مهر تابدار
Найзаи гардони гирд ҳар шаҳру диёр
نیزه گردان گرد هر شهر و دیار
Чун нагардад чашмҳо аз гиряи кӯр
چون نگردد چشم ها از گریه کور
Каз ҷаҳон мансӯх шуд расми сарвар
کز جهان منسوخ شد رسم سرور
Чашми гардуни зини мусӣбат хӯн гирист
چشم گردون زین مصیبت خون گریست
Хоки нилу диҷла ва ҷиҳўн гирист
خاک نیل و دجله و جیهون گریست
Мавҷи баҳр аз гиряи тӯфон хез шуд
موج بحر از گریه طوفان خیز شد
Раъди нолони гашту сайл ангез шуд
رعد نالان گشت و سیل انگیز شد
Шуд зи тоби оташи ғайрати кабоб
شد ز تاب آتش غیرت کباب
Мурғи азин ғам дар ҳаво , моҳӣ дар об
مرغ ازین غم در هوا، ماهی در آب
Шуд дарахтони зини мусӣбати барги рез
شد درختان زین مصیبت برگ ریز
Бодҳо гардид бар сари хоки без
بادها گردید بر سر خاک بیز
Ҳурён аз ваии гиребон чок кард
حوریان از وی گریبان چاک کرد
Улувваён зон гиря дар афлок кард
علویان زان گریه در افلاک کرد
Чун нагардад пораи дилҳои ҷриҳ
چون نگردد پاره دل های جریح
Аз никоятҳои он ҷисми триҳ
از نکایت های آن جسم طریح
Чун нагардад гӯшҳо кари зини мсоб
چون نگردد گوش ها کر زین مصاب
Шаҳри шому бонувон бе ниқоб
شهر شام و بانوان بی نقاب
Баста шуд зуррияи хатми русул
بسته شد ذریۀ ختم رسل
Чун асири тарк дар занҷиру ғул
چون اسیر ترک در زنجیر و غل
Шуд савори уштурон бе ғто
شد سوار اشتران بی غطا
На гуноҳӣ ва на ҷурм ва на хато
نه گناهی و نه جرم و نه خطا
Гар ба ҳатки ҳурмати насли батул
گر به هتک حرمت نسل بتول
Эмини аллоҳ тўсит кардӣ расӯл
ایمن الله توصیت کردی رسول
Он чаҳ бар мо рафт аз оли язид
آن چه بر ما رفت از آل یزید
Каси нёрстӣ бар ӯ кардани мазид
کس نیارستی بر او کردن مزید
Аз худо хоҳам мукофоти лӣом
از خدا خواهم مکافات لئام
Анаи рабии азизи зўи интиқом
انه ربی عزیزٌ ذو انتقام
Зон сипас бо итрати шоҳи шаҳид
زان سپس با عترت شاه شهید
Сӯии Ясриб боз шуд сибти Фарид
سوی یثرب باز شد سبط فرید
Аз ҷигар нолид кулсуми малул
از جگر نالید کلثوم ملول
К-эии Мадина ҳин макун моро қабул
کای مدینه هین مکن ما را قبول
Аз ту мо рӯзӣ ки барбастем бор
از تو ما روزی که بربستیم بار
Ҳам Аннан будем бо аҳлу табор
هم عنان بودیم با اهل و تبار
Буд мейри корвони солори кун
بود میر کاروان سالار کون
Ҳам рикобаши қосиму аббосу Авн
هم رکابش قاسم و عباس و عون
Акбари он раънои ҷавони гули изор
اکبر آن رعنا جوان گل عذار
Асғари он наврустаи Тифли ширхор
اصغر آن نورسته طفل شیرخوار
Омадемат бо дили тангу ҳазин
آمدیمت با دل تنگ و حزین
На риҷолии мондаи боқии неи Бенин
نه رجالی مانده باقی نی بنین
Ҳам зи раҳи рафтанди он ҷамъи малул
هم ز ره رفتند آن جمع ملول
То ба назд марқади поки расӯл
تا به نزد مرقد پاک رسول
Аз фиғони бонувони муҳтарам
از فغان بانوان محترم
Омад андари ларзаи арқони ҳарам
آمد اندر لرزه ارکان حرم
Шуд бар афлок аз замини шӯр ва нашӯр
شد بر افلاک از زمین شور و نشور
Сар бароварданд ҳурон аз қусӯр
سر برآوردند حوران از قصور
Қудсёни андари фалаки гирёни ҳама
قدسیان اندر فلک گریان همه
Синаҳо аз тоби дили бирёни ҳама
سینه ها از تاب دل بریان همه
Аҳли Ясриби ҷомаи нилӣ ба бар
اهل یثرب جامهٔ نیلی به بر
Ашки резони хоки безони сар ба сар
اشک ریزان خاک بیزان سر به سر
Гуфт зайнаби к-эии расӯли поки дайн
گفت زینب کای رسول پاک دین
Сари зи хоки ори аҳли байти хеши байн
سر ز خاک آر اهل بیت خویش بین
Шуд ҳусайнати куштае фахри араб
شد حسینت کشته ای فخر عرب
Дар канори оби ширини ташнаи лаб
در کنار آب شیرین تشنه لب
Юсуфат дар чанг гиреҳгон шуд асир
یوسفت در چنگ گرگان شد اسیر
Ман бшир ӯем эй ёқӯби пер
من بشیر اویم ای یعقوب پیر
Сӯят аз Юсуф нишон оварда ам
سویت از یوسف نشان آورده ام
Нак қмисӣ армағон оварда ам
نک قمیصی ارمغان آورده ام
Ман наёрам гуфт ки чун шуд таниш
من نیارم گفت که چون شد تنش
Бо ту хоҳад гуфт худ пероҳанаш
با تو خواهد گفت خود پیراهنش
Зон сипас шуд сӯии моам бе ҳам?ил
زان سپس شد سوی مام بی همال
Он балокаши бонӯии Марями хисол
آن بلاکش بانوی مریم خصال
Гуфт к-эии фахри арабро нури айн
گفت کای فخر عرب را نور عین
Шуд қтили сабри фарзандати ҳусайн
شد قتیل صبر فرزندت حسین
Қавми кофари дил худо нашнохтанд
قوم کافر دل خدا نشناختند
Бораҳо бар ҷисм покаш тохтанд
باره ها بر جسم پاکش تاختند
Сӯхтанд он хаймаҳо каши тору пуд
سوختند آن خیمه ها کش تار و پود
Аз каманди гесувони ҳур буд
از کمند گیسوان حور بود
Духтаронат чун асири Зангбор
دخترانت چون اسیر زنگبار
Шуд ба бахтӣҳои бе маҳмили савор
شد به بختیهای بی محمل سوار
Хуш бихоб эй модари нокоми ман
خوش بخواب ای مادر ناکام من
Ки надидӣ моҷарои шоми ман
که ندیدی ماجرای شام من
Ваон шамотатҳои хосу оми шан
وان شماتت های خاص و عام شان
Кеши куфру даъвии исломашон
کیش کفر و دعوی اسلامشان
Ваон ба маҷлиси сари бараҳнаи духтарон
وان به مجلس سر برهنه دختران
Ваон лаби дарбору чӯби хайзарон
وان لب دُربار و چوب خیزران
Дил параст аз шиквае моам батул
دل پر است از شکوه ای مام بتول
Гар бигӯям трсмти гардии малул
گر بگویم ترسمت گردی ملول