Снмои захми дил аз чораи ағёри гузашт

صنما زخم دل از چاره اغیار گذشت

Зулф бигушо ки дигар кори дил аз кори гузашт

زلف بگشا که دگر کار دل از کار گذشت

Аисбо бо маи мо гӯй ки бемори ғамат

ایصبا با مه ما گوی که بیمار غمت

Бе ту безор шуд аз зиндагии зори гузашт

بی تو بیزار شد از زندگی زار گذشت

Дар дилам буд ки изҳор кунам ҳолати ишқ

در دلم بود که اظهار کنم حالت عشق

Дид дар ойинау корзи изҳори гузашт

دید در آئینه و کارز اظهار گذشت

Боғбоно дигарам ҷониб гулзор махон

باغبانا دگرم جانب گلزار مخوان

Он тнъм ки ту дидӣ ҳама бо ёри гузашт

آن تنعم که تو دیدی همه با یار گذشت

Бхднгм зад ва бигузашт чаҳ фарёди кашам

بخدنگم زد و بگذشت چه فریاد کشم

Бар ман аинҷўру тағофул на ҳамин бори гузашт

بر من اینجور و تغافل نه همین بار گذشت

Дӯш рӯзам бигузашт аз назар , он зулфи сиёҳ ,

دوش روزم بگذشت از نظر ، آن زلفِ سیاه،

Чаҳ даҳуми шарҳ ки бар ман чаҳ шаби тори гузашт

چه دهم شرح که بر من چه شب تار گذشت

Моҷарои байни ту ки дуздед дили онхоли сиёҳ

ماجرا بین تو که دزدید دل آنخال سیاه

Рӯзи равшани змн ва кор бонакор гузашт

روز روشن زمن و کار بانکار گذشت