Биёи соқӣ эй муҳаррами рози ман
بیا ساقی ای محرم راز من
Ҳарифи куҳани аҳди дмсози ман
حریف کهن عهد دمساز من
Аз он оташини бодаи лаъли гаван
از آن آتشین بادۀ لعل گون
Ки аз ршг созад дили лаъли хӯн
که از رشگ سازد دل لعل خون
Бмни даҳ ки аз худ халосам диҳад
بمن ده که از خود خلاصم دهد
Гузар бар сари базм хосам диҳад
گذر بر سر بزم خاصم دهد
Биёи соқӣ эй марҳами дарди ман
بیا ساقی ای مرهم درد من
ВФогстру нози пурвирди ман
وفاگستر و ناز پرورد من
Даҳ он май ки марҳам наад дард ро
ده آن می که مرهم نهد درد را
Кунад оташини гӯнаи зард ро
کند آتشین گونۀ زرد را
Бидиҳ то кунам чораи дарди хеш
بده تا کنم چارۀ درد خویش
Кунам оташини гӯнаи зарди хеш
کنم آتشین گونۀ زرد خویش
Биёи соқии ?иҷони фидои танат
بیا ساقی ایجان فدای تنت
Буд то бкии саргардон бо миннат
بود تا بکی سرگردان با منت
Аз он май ки ҳуш аз сари оради бадар
از آن می که هوش از سر آرد بدر
Бидиҳ то кашами икдўи ратл дигар
بده تا کشم یکدو رطل دگر
Магари гирам аз ақли бегонагӣ
مگر گیرم از عقل بیگانگی
Шавам эмин аз душмани хонагӣ
شوم ایمن از دشمن خانگی
зи зиндони тани пои беруни нуҳум
ز زندان تن پای بیرون نهم
Чу девонагони сари бҳомўни нуҳум
چو دیوانگان سر بهامون نهم
Биёи соқии он оби оташи вшм
بیا ساقی آن آب آتش وشم
Ки нохӯрда аз буи ӯ сархушам
که ناخورده از بوی او سرخوشم
Бмни даҳ ки бо сардии рӯзгор
بمن ده که با سردی روزگار
Наме байнами об дигар созгор
نمی بینم آب دگر سازگار
Биёи соқии онкҳнаҳи эксир ро
بیا ساقی آنکهنه اکسیر را
Ки завқ ҷавонӣ диҳад пер ро
که ذوق جوانی دهد پیر را
Бмни даҳ ки чархами зи ҷон сайр кард
بمن ده که چرخم ز جان سیر کرد
Бадӯри ҷавонии маро пер кард
بدور جوانی مرا پیر کرد
Биёи соқии он оби деринаи сол
بیا ساقی آن آب دیرینه سال
Ки деҳқони варои пурвирд дар суфол
که دهقان ورا پرورد در سفال
Биору суфоли дил ойина кун
بیار و سفال دل آئینه کن
Фарои ёдам аз аҳд дерина кун
فرا یادم از عهد دیرینه کن