Дороби дувуми Тифли фалаки маҳди ҷлии қадар
داراب دوم طفل فلک مهد جلی قدر
Рухсори зафари ҳасани карами нури ақида
رخسار ظفر حسن کرم نور عقیده
Нек омадӣ эй чашми ҷаҳонӣ ба ту равшан
نیک آمدی ای چشم جهانی به تو روشن
Толеъи гули иқболи зи мавлуди ту чида
طالع گل اقبال ز مولود تو چیده
Ҳар ҳарфи писандида ки дар нусха фазл аст
هر حرف پسندیده که در نسخه فضل است
Дар пушти падари гӯши қабул ту шунида
در پشت پدر گوش قبول تو شنیده
То дар дили Марями ҳаваси доягии тест
تا در دل مریم هوس دایگی تست
Исои зи ятемии сари ангушти мкидаҳ
عیسی ز یتیمی سر انگشت مکیده
Гуё зи лаби эъҷози фурӯи шастаи масеҳо
گویا ز لب اعجاز فرو شسته مسیحا
Рӯзӣ ки ба сарчашмаи хуршеди расида
روزی که به سرچشمه خورشید رسیده
Зон шарбати ҷони бахш ки эксир вуҷӯдаст
زان شربت جان بخش که اکسیر وجودست
Як қатраи магар дар садафи ҷоҳи чакида
یک قطره مگر در صدف جاه چکیده
Моҳӣ чу ту аз гӯшаи маснад шудаи толеъ
ماهی چو تو از گوشه مسند شده طالع
Нурати зи алиф то уфуқи малики расида
نورت ز الف تا افق ملک رسیده
Нозами адабатро ки ба таъзими бародар
نازم ادبت را که به تعظیم برادر
Як соли Аннанро зи ҷаҳони бозкшидаҳ
یک سال عنان را ز جهان بازکشیده
Зини пеши тани малики қавӣ буд ба як дил
زین پیش تن ملک قوی بود به یک دل
Акнӯн сар маликаст хуш аз нури ду дида
اکنون سر ملکست خوش از نور دو دیده
Таърихи ту бар ҷабҳа айём нигораст
تاریخ تو بر جبهه ایام نگارست
« субҳи дувум аз машриқи иқболи дамида »
«صبح دوم از مشرق اقبال دمیده »