Беишқ кас бадваст наёбади раҳи вусӯл

بی عشق کس به دوست نیابد ره وصول

Субҳони ман таҳайюри фии зотаи алъқўл

سبحانَ مَن تَحَیّر فی ذاتِه العُقول

Гар марди ин дарии бдро кандар ин сарой

گر مرد این دری به در آ کاندر این سرای

Дарбон барои манъ хурӯҷаст неи духул

دربان برای منع خروج است نی دخول

Дар пешгоҳи ишқи маҷол маҳол нест

در پیشگاه عشق مجال محال نیست

Ошиқ набошад онкӣ нишинад дамии малул

عاشق نباشد آنکه نشیند دمی ملول

Таъҷил нест шарти тариқат бсбр кӯш

تعجیل نیست شرط طریقت به صبر کوش

Кам изФри алсбўри бмои иҳзми алъҷўл

کَم یَظفر الصَبور بِما یَهزم العَجول

Гар ғоибии ту ҳар чаҳ маломат кашам равост

گر غایبی تو هر چه ملامت کشم رواست

Вонҷо ки ҳозирӣ ки диҳад гӯш бар ъзўл

وآنجا که حاضری که دهد گوش بر عذول

Қул ллъзўли вилки анӣу лои телам

قل للعذول ویلک عنی و لا تلم

Мо қиллати модаряти велами тдри мо тқўл

ما قلت مادریت ولم تدر ما تقول

Инкори завқи ишқи зи оқил аҷиб нест

انکار ذوق عشق ز عاقل عجیب نیست

Ошиқи магари ривоят оқил кунад қабул

عاشق مگر روایت عاقل کند قبول

Ҳрдм бҷонбӣ кашадат нафаси музтариб

هردم به جانبی کشدت نفس مضطرب

Волқлби лои изоли мҳбои лмои изўл

والقلب لا یزال محبا لما یزول

Раҳ дар мақоми хулди ниёеу ҷои амн

ره در مقام خلد نیایی و جای امن

То дар сарой дил надиҳӣ хешро нузул

تا در سرای دل ندهی خویش را نزول

Кӯтоҳ шуд фасона ӣ ҳастӣ мо бъшқ

کوتاه شد فسانهٔ هستیِ ما به عشق

Носеҳ дароз карда сухан ҳамчунон фузул

ناصح دراز کرده سخن همچنان فضول

Ман ҳолатӣ ки худ бтсўри нёрмш

من حالتی که خود به تصور نیارمش

Дар нома чун нивисам ва гӯям чаҳ борасӯл

در نامه چون نویسم و گویم چه با رسول

Гуфтӣ ҳалок мекунам аз кини нишот ро

گفتی هلاک می‌کنم از کین نشاط را

Рӯҳии Фдоки қади сабақи алҳби мо тқўл

روحی فداک قَد سَبق الحُبّ ما تَقول