Равшан аз талъат хуршед шавад хона ӣ гул

روشن از طلعت خورشید شود خانه ی گل

Талъат ӯст ки тобад ба нҳонхонаҳ ӣ дил

طلعت اوست که تابد به نهانخانه ی دل

Бе шаки ин қавм ки ман мингрм бе басаранд

بی شک این قوم که من مینگرم بی بصرند

Варна ин рӯй ки бинад ки нагардад моил

ورنه این روی که بیند که نگردد مایل

Бутгари чин ки бут аз санг бар орад ё сим

بتگر چین که بت از سنگ بر آرد یا سیم

Кӯ ки бинад санами симтни снгиндл

کو که بیند صنم سیمتن سنگیندل

Зиндагӣ бе ту ҳаромаст худоро бози ой

زندگی بی تو حرام است خدا را باز آی

Ки агар теғи зании хӯни миннати боди бҳл

که اگر تیغ زنی خون منت باد بحل

Ман агар суҳбати зоҳид талабам нест аҷаб

من اگر صحبت زاهد طلبم نیست عجب

Оқил онаст ки парҳез кунад аз ҷоҳил

عاقل آنست که پرهیز کند از جاهل

Ранҷи беҳудаи барӣ ба ки гузинӣ роҳат

رنج بیهوده بری به که گزینی راحت

Кор беҳуда кунӣ ба ки нишинии коҳил

کار بیهوده کنی به که نشینی کاهل

Ҳаргиз аз мазраъи сабзи фалаку чашма ӣ меҳр

هرگز از مزرع سبز فلک و چشمه ی مهر

Тухми ғифлати биҷуз андӯҳ наёрад ҳосил

تخم غفلت بجز اندوه نیارد حاصل

На ғами онҷои гузари орад ки буд толиби дӯст

نه غم آنجا گذر آرد که بود طالب دوست

На нишот аз дар онкас ки нишинад ғофил

نه نشاط از در آنکس که نشیند غافل