Маро ки дӯст ту бошӣ натарсам аз душман
مرا که دوست تو باشی نترسم از دشمن
Агар ҷаҳон ба сроиди ман ва ту ва ту ва ман
اگر جهان به سرآید من و تو و تو و من
Ман ва ту ширк буд он туе на ман ғалатам
من و تو شرک بود آن تویی نه من غلطم
з рӯй лутф бапушӣ барин хатои доман
ز رویِ لطف بپوشی برین خطا دامن
Бикаш марои ту бимон то ман аз миён биравам
بکش مرا تو بمان تا من از میان بروم
Ба хӯни ман на дят бар ту воҷиб ва на саман
به خونِ من نه دیت بر تو واجب و نه ثمن
Ба манзилӣ ки ту бошӣ маро чаҳ роҳи нузул
به منزلی که تو باشی مرا چه راهِ نزول
Ки дар мақом млоик нагунҷад оҳрмн
که در مقامِ ملایک نگنجد آهرمن
Муҳаббатӣ ки зи ту дар даруни синаи мост
محبتّی که ز تو در درون سینۀ ماست
Нагунҷад аз раҳи инсоф дар замину змн
نگنجد از رهِ انصاف در زمین و زمن
Ба аҳди ҳасан ту шуд аҳли розро маълум
به عهدِ حسنِ تو شد اهلِ راز را معلوم
Ки ҳар ки ҷуз ту парастед лоат буду всн
که هر که جز تو پرستید لات بود و وَثَن
Баҳори умр чу бигузашту рӯзгори нишот
بهارِ عمر چو بگذشت و روزگارِ نشاط
Чунон буд ки ба ҳангоми барги рези чаман
چنان بود که به هنگامِ برگریز چمن
Нзорё чаҳ кунӣ чора нест ҷузи таслим
نزاریا چه کنی چاره نیست جز تسلیم
Чу сайл бар буна афтоду барқ дар хирман
چو سیل بر بُنه افتاد و برق در خرمن
Маро бирафт ба ғарби зи дасти домани дил
مرا برفت به غرب ز دست دامنِ دل
Канори армну грҷм чаҳ грҷ ва чаҳ армн
کنار ارمن و گُرجم چه گُرج و چه ارمن