Таваққуъаст ки гӯшӣ ба ҳоли мо дорӣ
توقّع است که گوشی به حالِ ما داری
Равои мадор ки озори мо равои дорӣ
روا مدار که آزارِ ما روا داری
Риоятӣ куну гирди дилами брои дамӣ
رعایتی کن و گردِ دلم برآی دمی
Масеҳи ҷони манӣ як дамии куҷои дорӣ
مسیحِ جانِ منی یک دمی کجا داری
Чу дар ҳавои ту пайваста мекунам тайрон
چو در هوایِ تو پیوسته می کنم طَیَران
Маро расад ки кунам даъвии ҳаводорӣ
مرا رسد که کنم دعویِ هواداری
Агар канори ман аз гиря чун муҳӣт шавад
اگر کنارِ من از گریه چون محیط شود
Бадеъ нест ки чашмони ошнои дорӣ
بدیع نیست که چشمانِ آشنا داری
зи офтоби ҷамолатгар иртифоъ кунанд
ز آفتاب جمالت گر ارتفاع کنند
Ба фарқи хати тафохур бар устувои дорӣ
به فرق خطّ ِ تفاخر بر استوا داری
Агар чаҳ хати ту хат ҷафо кашид ва лек
اگر چه خطّ ِ تو خطّ ِ جفا کشید و لیک
Хато набошад чун рӯй дар хатои дорӣ
خطا نباشد چون روی در خطا داری
Нисори пои ту ашкам агар гуҳари хоҳӣ
نثارِ پایِ تو اشکم اگر گهر خواهی
Фидои ҷони ту ҷонам агар ризои дорӣ
فدایِ جانِ تو جانم اگر رضا داری
Дилами ббрдӣу сабру шикебу хобу қарор
دلم ببردی و صبر و شکیب و خواب و قرار
Дигар чаҳ монад магари қасди ҷони мо дорӣ
دگر چه ماند مگر قصدِ جانِ ما داری
зи дӯди оҳ нзорӣ битарс ва зулм макун
ز دودِ آهِ نزاری بترس و ظلم مکن
Агар чаҳ дасти ситами горӣу ҷафои дорӣ
اگر چه دستِ ستمگاری و جفا داری
Ба хоки пои ту савганд май даҳум бар ту
به خاکِ پایِ تو سوگند میدهم بر تو
Ки гуҳи гуҳии зи нзории зори ёди оре
که گهگهی ز نزاریِ زار یاد آری