намедонам чаҳ бад кардам ки наякум зор май дорӣ

نمی‌دانم چه بد کردم که نیکم زار می‌داری

Танами ранҷур май хоҳии дилами бедор май дорӣ

تنم رنجور می‌خواهی دلم بیدار می‌داری

зи ранҷами роҳатии дорӣ аз онам дайр май пурсӣ

ز رنجم راحتی داری از آنم دیر می‌پرسی

Ба зорӣ карданами шодӣ аз онам зор май дорӣ

به زاری کردنم شادی از آنم زار می‌داری

Чаҳ озории зи ман ман худ ба озорӣ наме арзам

چه آزاری ز من من خود به آزاری نمی‌ارزم

Чаҳ бошам худ кӣам каз ман чунин озор май дорӣ

چه باشم خود کی ام کز من چنین آزار می‌داری

Куҷо шуд он ки гуҳ гоҳе зи дардам ёд ме кардӣ

کجا شد آن که گه‌گاهی ز دردم یاد می‌کردی

Азизам доштӣ зи аввал ба охири хор май дорӣ

عزیزم داشتی ز اوّل به آخر خوار می‌داری

Наҳй бар ҷони ман миннат ки тиморат ҳаме дорам

نهی بر جانِ من منّت که تیمارت همی دارم

Дилам хӯн шуд зи тиморати накӯи тимор май дорӣ

دلم خون شد ز تیمارت نکو تیمار می‌داری

Ба дардии қонеъам аз ту ба дашномӣ шудам розӣ

به دردی قانعم از تو به دشنامی شدم راضی

Нзории нек бадномаст азу зон ор май дорӣ

نزاری نیک بدنام است ازو زان عار می‌داری