намерӯй медиҳадат дил ки маро бигзорӣ
میروی میدهدت دل که مرا بگذاری
Бирав акнӯн туу номардумӣу ноёрӣ
برو اکنون تو و نامردمی و نایاری
Бар ману зорӣу танҳои ман раҳмат кун
بر من و زاری و تنهاییِ من رحمت کن
Макун эй ёр ба озори дилӣ бе зорӣ
مکن ای یار به آزار دلی بیزاری
Мо накардем гуноҳӣ ки буд мӯҷиби хашм
ما نکردیم گناهی که بود موجبِ خشم
Ореи ореи ту зи мо сайр шудӣ пиндорӣ
آری آری تو ز ما سیر شدی پنداری
Дили ёрони брбоиӣ ва ба ғорати бабрӣ
دلِ یاران بربایی و به غارت ببری
Аз ки омухтии ин дили барӣу айёрӣ
از که آموختی این دلبری و عیّاری
То бирафтӣ неам аз ёди ту холии нафасӣ
تا برفتی نیام از یادِ تو خالی نفسی
Манаму ёди ту дар мастӣ ва дар ҳаши ёрӣ
منم و یادِ تو در مستی و در هشیاری
Гуфтамат аҳд ба поён набарӣ рӯзи нахуст
گفتمت عهد به پایان نبری روزِ نخست
Алҳақ алҳақ чаҳ накӯи аҳду вафоеи дорӣ
الحق الحق چه نکو عهد و وفایی داری
Заъфи дил бар ман сўдоздаҳ шуд муставле
ضعفِ دل بر منِ سودازده شد مستولی
Чист ташвиши димоғи офати шаби бедорӣ
چیست تشویشِ دماغ آفتِ شب بیداری
Чанд рафъи ғами беҳуда тавон кард ба май
چند رفعِ غمِ بیهوده توان کرد به می
На ҳамаи умри тавон буд дарин бе корӣ
نه همه عمر توان بود درین بیکاری
Дар дилам буд ки ҳаргиз нашавам аз ту ҷудо
در دلم بود که هرگز نشوم از تو جدا
Дар серум буд ки бо мо қадамӣ бисипорӣ
در سرم بود که با ما قدمی بسپاری
На чунон боз гирифтӣ қадам аз мо ки дигар
نه چنان باز گرفتی قدم از ما که دگر
Рӯй онаст ки дастӣ ба серуми бозорӣ
رویِ آن است که دستی به سرم بازآری
Гуфта будӣ ки нзории ҳама зорӣ дорад
گفته بودی که نزاری همه زاری دارد
Чун зар ва зӯр надорад чаҳ кунад ҳам зорӣ
چون زر و زور ندارد چه کند هم زاری