Дигар бор аз насими нави баҳорӣ

دگر بار از نسیم نو بهاری

Хаҷал шуд нофаи машки тторӣ

خجل شد نافۀ مشکِ تتاری

Хатиб боғ шуд бар минбари сарв

خطیب باغ شد بر منبرِ سرو

Бурун омад гул аз стар иморӣ

برون آمد گل از سترِ عماری

Саҳаргаҳ кард пари лؤлўии мансур

سحرگه کرد پر لؤلوی منثور

Даҳони сабзаи абри нави баҳорӣ

دهانِ سبزه ابرِ نو بهاری

Нишастанд аз сари сарву баромад

نشستند از سرِ سرو و برآمد

Хурӯши булбул аз бустон ба зорӣ

خروشِ بلبل از بستان به زاری

Сарои бустон чу нахл ситон хулдаст

سرا بستان چو نخلِ ستان خُلدست

Сари бустони надории пас чаҳ дорӣ

سرِ بستان نداری پس چه داری

Тағофул мекунад фурсати нигаҳи дор

تغافل می کند فرصت نگه دار

Чаҳ карти зини муҳимтар дар чаҳ корӣ

چه کارت زین مهم تر در چه کاری

Чаро чун мардуми донистаи дастӣ

چرا چون مردمِ دانسته دستی

Ба шукри ҳақи тъоло бар надорӣ

به شکرِ حق تعالا بر نداری

Магари зокўони инсонии бурунӣ

مگر زاکوانِ انسانی برونی

Магари худро зи ҳайвон май шуморӣ

مگر خود را ز حیوان می شماری

Вагарнаи мурғи бедор ва ту хуфта

وگرنه مرغ بیدار و تو خفته

Чаҳ дории ҳосили алои шарми сорӣ

چه داری حاصل الّا شرم ساری

Чаҳ санъат мекунад мавлои таъолӣ

چه صنعت می کند مولی تعالی

Чаҳ қудрат май намояди ҷли борӣ

چه قدرت می نماید جَلّ باری

Набошад ҳаргизат аз худ халосӣ

نباشد هرگزت از خود خلاصی

Агар худро на аз худ восупорӣ

اگر خود را نه از خود واسپاری

На мастӣ ва на ошиқ эй фусурда

نه مستی و نه عاشق ای فسرده

Дариғо умри зойеъ май гузорӣ

دریغا عمر ضایع می گذاری

Сухан онаст каз соқии маҷлис

سخن آن است کز ساقیِ مجلس

Биомузии ҷавони мардӣу ёрӣ

بیاموزی جوان مردی و یاری

Мудоми осӯдае аз дасти деҳқон

مدام آسوده ای از دستِ دهقان

Нарафта як қадам дар ҳақи гузорӣ

نرفته یک قدم در حق گزاری

Ҳамаи фарёд булбул чист доне

همه فریادِ بلبل چیست دانی

Зиришки сӯзи анфоси нзорӣ

زرشکِ سوزِ انفاسِ نزاری

Чу ман бар шохи ҳикмати андалебӣ

چو من بر شاخِ حکمت عندلیبی

Ҷаҳоно то дигар берун кӣ оре

جهانا تا دگر بیرون کی آری