Хушо ки мавсими гул бомдод бархезӣ
خوشا که موسمِ گل بامداد برخیزی
Ба боғи бодаи хурӣу з халқ бигурезӣ
به باغ باده خوریّ و ز خلق بگریزی
Бирав ба рӯзи ҷавонии ҷаҳон пер бихӯр
برو به روز جوانی جهان پیر بخور
Ки он бааст ки бо рӯзгор наситезӣ
که آن به است که با روزگار نستیزی
Азин насиҳати беҳудае фақиҳи туро
ازین نصیحت بیهودهای فقیه ترا
Чаҳ ҳосиласт ки равған ба рег май резӣ
چه حاصل است که روغن به ریگ میریزی
Ту низ ҳам макун аз ишқи эҳтироз ки завқ
تو نیز هم مکن از عشق احتراز که ذوق
Набошадат магар аз хештан бипарҳезӣ
نباشدت مگر از خویشتن بپرهیزی
Вале туро набӯд бахти он ки аз сари шавқ
ولی ترا نبود بخت آن که از سرِ شوق
Ба доми зулфи каманди афкании броўизӣ
به دام زلف کمند افکنی برآویزی
Ҳануз нақди таманнои дӯсти ёбии боз
هنوز نقد تمنای دوستیابی باز
Пас аз қиёмат агар хоки ман бпрўизӣ
پس از قیامت اگر خاک من بپرویزی
Замонаи хоки ту ҳам оқибат ба прўизн
زمانه خاک تو هم عاقبت به پرویزن
Фурӯ гузорад агар моварои парвизӣ
فرو گذارد اگر ماورای پرویزی
Ҳиял макун ки барроқи аҷали Аннани туро
حیل مکن که براق اجل عنان ترا
Чу бод гирад агар худ ба сайри шабдизӣ
چو باد گیرد اگر خود به سیر شبدیزی
Бирав дилат ба касе даҳ зи хештан ба дарой
برو دلت به کسی ده ز خویشتن به درآی
Ба ҳарза чанд нишинӣ ва чанд бархезӣ
به هرزه چند نشینی و چند برخیزی
Нзорё чаҳ балое ба гӯшаи а ӣ биншин
نزاریا چه بلایی به گوشه ای بنشین
Ки оқибати зи миёни фитна ӣ барангезӣ
که عاقبت ز میان فتنهی برانگیزی
Грини сухан ки ту дории буруни диҳии хӯнат
گرین سخن که تو داری برون دهی خونت
Ба гардани ту магари нуктаи дарҳам омезӣ
به گردنِ تو مگر نکته درهم آمیزی