Фироқи дӯст чаҳ дардаст бе дўоءи аллакай

فراقِ دوست چه دردست بی دواء الکی

Ба доғи ҳиҷри дилам кӣ давои пазирад кӣ

به داغ هجر دلم کی دوا پذیرد کی

Аз он замон ки видоъи иттифоқи афтодаи сет

از آن زمان که وداع اتفاق افتاده ست

Нашуд зи ҳайбати ҷони холӣ аз мсомми хуй

نشد ز هیبتِ جان خالی از مسامم خوی

Ба ғам нишаста дилии хастау дарии баста

به غم نشسته دلی خسته و دری بسته

Дигар бурун наниҳодам зи кунҷи аҳзони пай

دگر برون ننهادم ز کُنجِ احزان پی

Сари мтобът аз пеш барнадорам агар

سرِ متابعت از پیش برندارم اگر

Чу чанги бркшдми чанги имтиҳони рагу пай

چو چنگ برکشدم چنگِ امتحان رگ و پی

Дигар шуд он раҳу ойини зиндагонии ман

دگر شد آن ره و آیینِ زندگانیِ من

Ки кардамӣ ҳамаи таскини изтироб ба май

که کردمی همه تسکینِ اضطراب به می

Канори чашма ва парҳез мекунам зи зулол

کنارِ چشمه و پرهیز می‌کنم ز زلال

Ки ҳаст заъфи димоғу дилам кунун аз вай

که هست ضعفِ دماغ و دلم کنون از وی

Дамӣ аз чашм хаёлам намеравад аксаш

دمی از چشمِ خیالم نمی‌رود عکسش

Ҷудо намешавад аз нури офтоб чу фӣ

جدا نمی‌شود از نورِ آفتاب چو فَی

Касе чигуна кунад бовари ин ки оби зулол

کسی چگونه کند باور این که آب زلال

Шавад ба хосияти охири луоби қотили ҳӣ

شود به خاصیت آخر لعاب قاتل حی

Чаҳ гӯна зинда шавад бози кушта ӣ ҳиҷрон

چه گونه زنده شود باز کشته ی هجران

Чунон ки шайъ ба иборат кунанд аз лошӣ

چنان که شی به عبارت کنند از لاشی

Нзорё на туро гуфтаам ки бор дигар

نزاریا نه ترا گفته ام که بارِ دگر

Ҳавои ишқ ба перона сар макун ҳаии ҳай

هوای عشق به پیرانه سر مکن هی هی

Машав мусаххари Лайлӣ ки оқибати рӯзӣ

مشو مسخَرِ لیلی که عاقبت روزی

Бурун кунанд зи шӯҳрат чу Қайсро аз ҳӣ

برون کنند ز شهرت چو قَیس را از حی

Ғалат шудам ки агар бар баҳонаи Лайлӣ

غلط شدم که اگر بر بهانه لیلی

Ба ишқи зиндаи шӯии ҷовдони Бамонеи ҳӣ

به عشق زنده شوی جاودان بمانی حی