Бмонод он бирав боло ки рашки сарви бастоне

بماناد آن برو بالا که رشکِ سروِ بستانی

Чаҳ рашки сарви бустони ғайрати хуршеди тобоне

چه رشکِ سرو بستان غیرتِ خورشید تابانی

Суҳайлӣ ё маӣ ё муштарӣ ё Зуҳра ё Меҳрӣ

سهیلی یا مهی یا مشتری یا زهره یا مهری

Парӣ ё одамӣ ё ҳур ё бут бо чаҳ май Монӣ

پری یا آدمی یا حور یا بُت با چه می‌مانی

Ба рухсор ояти Лутфӣ ба дидори офати халқӣ

به رخ‌سار آیتِ لطفی به دیدار آفتِ خلقی

Ба дандон дар макнунӣ ба лаби лаъли бадахшонӣ

به دندان درِ مکنونی به لب لعلِ بدخشانی

Ба рафтани рашки товусӣ ба гуфтани ғайрати тӯтӣ

به رفتن رشکِ طاووسی به گفتن غیرت طوطی

Ба маънии рӯҳи мағлубӣ ба сӯрати моҳи Рахшоне

به معنی روحِ مغلوبی به صورت ماهِ رخشانی

Чунон дар дидаи чолокӣ ки гӯйии ҳури Фирдавсӣ

چنان در دیده چالاکی که گویی حورِ فردوسی

Чунонӣ дар дилами ширин ки гӯйии сӯрати ҷонӣ

چنانی در دلم شیرین که گویی صورتِ جانی

зи даврат ҳар чаҳ май байнами дилам дар ҷӯш ме ояд

ز دورت هر چه می‌بینم دلم در جوش می‌آید

намедонам магар хайраст моро бо ту рӯҳонӣ

نمی‌دانم مگر خیر است ما را با تو روحانی

Дилами барадӣ ва хуб кардӣ ва худ бо он наме оре

دلم بردی و خب کردی و خود با آن نمی‌آری

Биё то бар ту бар гӯям чу медонам ки май доне

بیا تا بر تو بر گویم چو می‌دانم که می‌دانی

Марогар муҳаррамӣ будӣ ки розам бо ту бар гуфтӣ

مرا گر محرمی بودی که رازم با تو بر گفتی

Набоистӣ ба хӯни дили ҷигар хӯрдани зи ҳайронӣ

نبایستی به خونِ دل جگر خوردن ز حیرانی

Ғарибами хотирам ёро маранҷонгар худои тарсӣ

غریبم خاطرم یارا مرنجان گر خدا ترسی

Ба нӯшии ҳоҷатами ёро раво кунгар мусулмонӣ

به نوشی حاجتم یارا روا کن گر مسلمانی

зи бахт худ намеёбам ки он давлат диҳад дастам

ز بخت خود نمی‌یابم که آن دولت دهد دستم

Ки бар пояти нуҳуми рӯеу сар аз ман нигарадоне

که بر پایت نهم رویی و سر از من نگردانی

Нзории кош кӣ ҳаргизи назар бар ту ниФкндӣ

نزاری کاش کی هرگز نظر بر تو نیفکندی

Чу нозил шуд қазо акнӯн чаҳ мақсӯд аз пушаймонӣ

چو نازل شد قضا اکنون چه مقصود از پشیمانی