Ҷамод бе хабараст аз хурӯши булбули маст
جماد بی خبرست از خروشِ بلبلِ مست
Ба боғ бода хӯрд ҳар киро ҳаётӣ ҳаст
به باغ باده خورد هر که را حیاتی هست
зи айш баҳра надорад касе ки вақти баҳор
ز عیش بهره ندارد کسی که وقتِ بهار
Ба пой гул нагирифта сети ҷоми бода ба даст
به پایِ گل نگرفته ست جامِ باده به دست
Хуш он хӯрд ки ба шаби хезад ва ба гуҳ хуфтад
خوش آن خورد که به شب خیزد و به گه خفتد
На он ки рӯз барояд зи хоб боз нишаст
نه آن که روز برآید ز خواب باز نشست
Сабӯҳи суннати аҳл диласт хоссаи чунон
صبوح سنّتِ اهلِ دل است خاصه چنان
Ки офтоб бар ояд фурӯ шавад сармаст
که آفتاب بر آید فرو شود سرمست
Шикаст мо макун эй оқили обгинаи худ
شکستِ ما مکن ای عاقل آبگینۀ خود
зи санги ишқи нигаҳдори кон мо бишикаст
ز سنگِ عشق نگهدار کانِ ما بشکست
Биор соқии маҷлис ки заҳр нӯш кунем
بیار ساقیِ مجلس که زهر نوش کنیم
Ки ангабин буд аз дасти тира рӯй кбст
که انگبین بود از دستِ تیره روی کبست
Яке ду пояи фурӯди ойу орифонро байн
یکی دو پایه فرود آی و عارفان را بین
Балӣ бигуфтау баркафи гирифтаи ҷоми аласт
بلی بگفته و برکف گرفته جامِ الست
Нзорёи назар аз буд хештан бурдор
نزاریا نظر از بودِ خویشتن بردار
Ба қиблаи муътақидии пас ба ҷаҳл бут мапурсат
به قبله معتقدی پس به جهل بت مپرست
Ту марди лофи Не ҳар дарахтро нарасад
تو مردِ لاف نیی هر درخت را نرسد
Ки ҳам чу сарв баландӣ кунад ба қомати паст
که هم چو سرو بلندی کند به قامتِ پست