На ҳеҷ халқам аз андӯҳи ёр май пурсад
نه هیچ خلقم از اندوه یار میپرسد
На ёрам аз ситами рӯзгор май пурсад
نه یارم از ستم روزگار میپرسد
Кас аз ғами дили ин бе қарори брнрсд
کس از غم دل این بیقرار برنرسد
Вале ҳамеша ғамами барқарор май пурсад
ولی همیشه غمم برقرار میپرسد
Касе дигар мутаъоқиб чу таб наме донам
کسی دگر متعاقب چو تب نمیدانم
Ки гарми гарми марои зори зор май пурсад
که گرم گرم مرا زار زار میپرسد
Вагар касе ба маломат забон кашад дар ман
وگر کسی به ملامت زبان کشد در من
Ба танзи гуҳи гуҳами астодўор май пурсад
به طنز گهگهم استادوار میپرسد
Магар ба музди маломат халос хоҳад дод
مگر به مزد ملامت خلاص خواهد داد
Муҳосибам чу ба рӯзи шумор май пурсад
محاسبم چو به روزِ شمار میپرسد
Ниҳони халқ наме прсдми ҳабиб вале
نهان خلق نمیپرسدم حبیب ولی
Рақибам аз ҳамаи шаҳри ошкор май пурсад
رقیبم از همه شهر آشکار میپرسد
Мисоли ошиқу афсурдаи ҳам чунон бошад
مثال عاشق و افسرده هم چنان باشد
Ки шарҳи ғарқа касе бар канор май пурсад
که شرح غرقه کسی بر کنار میپرسد
Нзорё ба шикояти забон дароз макун
نزاریا به شکایت زبان دراز مکن
Туро касе ба чаҳ мӯҷиб чаҳ кор май пурсад
ترا کسی به چه موجب چه کار میپرسد
Барин басанда кун [ ар аз раҳат ] наёяд дӯст
برین بسنده کن [ار از رهت] نیاید دوست
Хаёл ҳар нафаст чанд бор май пурсад
خیال هر نفست چند بار میپرسد