Ҳаргизам ишқ нашуд аз сари пари савдои давр

هرگزم عشق نشد از سرِ پُر سودا دور

Ишқ аз машъалаи нори барангезади нур

عشق از مشعلۀ نار برانگیزد نور

Ман на бар қоидаи ақлу хирад сайр кунам

من نه بر قاعدۀ عقل و خرد سیر کنم

Ки манам шефта ва шефта бошад маъзӯр

که منم شیفته و شیفته باشد معذور

Тоқати нури таҷаллӣ ва чу ман мискинӣ

طاقتِ نورِ تجلّی و چو من مسکینی

Нишнидӣ сифат ҳол кулем аллоҳу тавр

نشنیدی صفتِ حالِ کلیم‌الله و طور

Назарӣ аз тарафи стар бурун карду маро

نظری از طرفِ سَتر برون کرد و مرا

Бехабар кард чунин дар сифати кашфу зуҳӯр

بی‌خبر کرد چنین در صفتِ کشف و ظهور

Ману пурвой касе ин чаҳ ҳадис аст хамӯш

من و پروایِ کسی این چه حدیث است خموش

Охири он ҷо ки тавонад ки кунад майл ба ҳур

آخر آن‌جا که تواند که کند میل به حور

Аз ман он ҳол мапурсед ки чун буд ва чаҳ рафт

از من آن حال مپرسید که چون بود و چه رفت

Масту лоиъқлм аз ҷуръаи он ҷоми таҳур

مست و لایعقلم از جرعۀ آن جامِ طهور

На аз онам ки ба ғайриӣ мутаъаллиқ бошам

نه از آنم که به غیری متعلّق باشم

Мағзро гарм кунад оқибати аламри ғурур

مغز را گرم کند عاقبت‌الامر غرور

Мурда ҷаҳл нашуд зиндаи вагарнаи ноФх

مردۀ جهل نشد زنده وگرنه نافخ

Дайр шуд то ба ҷаҳон дар бдмидаҳи сети ин сувар

دیر شد تا به جهان در بدمیده‌ست این صور

Ману кунҷи худу ганҷи сухану нқдолўқт

من و کنجِ خود و گنجِ سخن و نقدالوقت

Туу мавъӯд майу мунтазири ҳуру қусӯр

تو و موعودِ می و منتظرِ حور و قصور

Оҳ аз дасти нзорӣ ки сиррии пари савдо

آه از دستِ نزاری که سری پر سودا

намекунад рози дилами фош ва натарсад зи ғаюр

می‌کند رازِ دلم فاش و نترسد ز غیور

Хуши дилам зон ки набошанд муҳибони хасмам

خوش دلم زان که نباشند محبّان خَصمم

Рӯзи маҳшар ки бароранд сар аз хоки қубӯр

روزِ محشر که برآرند سر از خاکِ قبور