Зоҳиди махмурро роҳи муноҷоти бас

زاهد مخمور را راهِ مناجات بس

Орифи маҷмӯро кунҷи хароботи бас

عارف مجموع را کنج خرابات بس

Шоҳиди мо гӯи дарой то назарӣ хуш кунем

شاهد ما گو درآی تا نظری خوش کنیم

Бе ғарази ишқро завқи мулоқоти бас

بی‌غرض عشق را ذوق ملاقات بس

Зуҳди мўрз эй фақиҳи бодаи хуру ишқи боз

زهد مورز ای فقیه باده ‌خور و عشق باز

Гар дами мо май зании ҳам равиши моти бас

گر دم ما می‌زنی هم روش مات بس

Маърифати кирдигор васф кун ар орифӣ

معرفت کردگار وصف کن ار عارفی

Вар на карам кун хамӯш чанд каромоти бас

ور نه کرم کن خموش چند کرامات بس

зи он чаҳ ту гум кардае боз наёбӣ ба бонг

ز آن چه تو گم کرده‌ای باز نیابی به بانگ

Наъра мазан то ба кӣ зини ҳамаи томоти бас

نعره مزن تا به کی زین همه طامات بس

Рамзи нзории нигар то ки бадоне ки чист

رمز نزاری نگر تا که بدانی که چیست

Яъне агар толибии раҳбари доноти бас

یعنی اگر طالبی رهبرِ دانات بس