Агар ту ҷаҳд кунӣ бо ту меравад тавфиқ

اگر تو جهد کنی با تو می رود توفیق

Рафиқи роҳи ту тавфиқ ба алии алтҳқиқ

رفیقِ راه تو توفیق به علی التحقیق

Агар мушоҳида хоҳӣ бирав муҷоҳидаи каш

اگر مشاهده خواهی برو مجاهده کش

Ба пои ҷаҳди муяссар шудаи сети қатъи тариқ

به پایِ جهد میسّر شده ست قطعِ طریق

Сафинаи восита ӣ мухлисаст бе млоҳ

سفینه واسطه ی مَخلص است بی ملاّح

Гумон мабар ки тавон шуд буруни зи баҳри амиқ

گمان مبر که توان شد برون ز بحرِ عمیق

Ба мӯҳликот дар афтодаи ҷаҳд бояд кард

به مهلکات در افتاده جهد باید کرد

Ба кӯшишӣ ки барояд зи дасту пои ғариқ

به کوششی که برآید ز دست و پایِ غریق

Макун фарох рӯй дар сахт ки пинҳон аст

مکن فراخ روی در سخت که پنهان است

Румузи мардон дар зимни нуктаҳои дақиқ

رموزِ مردان در ضمنِ نکته هایِ دقیق

Хаёлу ваҳму қиёс аз димоғ берун кун

خیال و وهم و قیاس از دماغ بیرون کن

Ки истиқомат ту нест ҷузи дарин тафреқ

که استقامتِ تو نیست جز درین تفریق

Мудом бош тлбгори вақт бе таъхир

مدام باش طلبگارِ وقت بی تأخیر

Қиём кун ба муҳимоти хайр бе таъвиқ

قیام کن به مهمّاتِ خیر بی تعویق

зи роҳи дасти макаши рӯҳро сафойии даҳ

ز راح دست مکش روح را صفایی ده

Сафоӣ рӯҳ набошад магар ба роҳи рҳиқ

صفایِ روح نباشد مگر به راحِ رحیق

Сияҳ кунанд сифеди аҳли рӯзгору маро

سِیه کنند سفید اهلِ روزگار و مرا

Дақиқаи исти з ман бишинав эй рафиқи шафиқ

دقیقه ایست ز من بشنو ای رفیقِ شفیق

Хизоби кории ман ба ки ҳар сипедаи дамӣ

خضاب کاریِ من به که هر سپیده دمی

Рухи зрири нзорӣ ба мекунам чу ақиқ

رخِ زریرِ نزاری به مَی کنم چو عقیق