Дӯши баси хуши рӯзгории доштам
دوش بس خوش روزگاری داشتم
То саҳар дар бар нигории доштам
تا سحر در بر نگاری داشتم
То баромади алслот аз пушти бом
تا برآمد الصلات از پشتِ بام
Даст дар бӯсу канории доштам
دست در بوس و کناری داشتم
Бар ҷамолаш аз лаб май гаван ӯ
بر جمالش از لبِ می گونِ او
Май шикастамгар хумории доштам
می شکستم گر خماری داشتم
Хуш буд танги шукр дар бар шигарф
خوش بود تنگِ شکر در بر شگرف
Ростии фарбеҳи шикории доштам
راستی فربه شکاری داشتم
Бӯса ҳо кардам ғанимат бе шумор
بوسه ها کردم غنیمت بی شمار
Гарчи як якро шумории доштам
گرچه یک یک را شماری داشتم
Бӯдаам бар хирмани гули хуфта лек
بوده ام بر خرمنِ گل خفته لیک
Аз нигаҳбононаши хории доштам
از نگهبانانش خاری داشتم
Чун гирифтам дар канораш аз миён
چون گرفتم در کنارش از میان
Рафт берунгар ғубории доштам
رفت بیرون گر غباری داشتم
Ҳам шабии хуш рӯз кардам оқибат
هم شبی خوش روز کردم عاقبت
Аз паии онки интизории доштам
از پیِ آنک انتظاری داشتم
Бо нзорӣ гуфт фардои бозгуӣ
با نزاری گفت فردا بازگوی
Дӯши баси хуши рӯзгории доштам
دوش بس خوش روزگاری داشتم