Ман ҳамон мастаму шӯрида каз аввал будам
من همان مستم و شوریده کز اوّل بودم
То набудам ба ту машғӯл маъаттал будам
تا نبودم به تو مشغول معطّل بودم
Гар буридам зи ту бе ту ба хатои маъзӯрам
گر بریدم ز تو بی تو به خطا معذورم
Зон ки мавқуфи маҳолот мхил будам
زان که موقوفِ محالاتِ مخیّل بودم
Чашм агар боз кунӣ боз шавад аз ту ба ту
چشم اگر باز کنی باز شود از تو به تو
Ман агар ҷуз ба ту дидам ба ту аҳвал будам
من اگر جز به تو دیدم به تو احول بودم
Гар набудам ба рахти нозиру ҳозир ба вуҷӯд
گر نبودم به رخت ناظر و حاضر به وجود
Ба хаёлат ба хаёлат ки мғФл будам
به خیالت به خیالت که مغفّل بودم
Мардумонгар з ту гӯйанд ки будам хурсанд
مردمان گر ز تو گویند که بودم خرسند
На чунонаст вале мӯътарифам бал будам
نه چنان است ولی معترفم بل بودم
Ман кӣам бо ту ва бе ту натавонам бӯдан
من کی ام با تو و بی تو نتوانم بودن
Дар миён ҳам натавон гуфт мзлзл будам
در میان هم نتوان گفت مزلزل بودم
Ҳаргиз аз ҳалқа ушшоқ набудам берун
هرگز از حلقۀ عشّاق نبودم بیرون
Балки дар силсилаи ишқ мусалсал будам
بلکه در سلسلۀ عشق مسلسل بودم
Дӯш ишқ омад ва дар гӯш нзорӣ ме гуфт
دوش عشق آمد و در گوشِ نزاری می گفت
Ки зи мабдаии азал бар ту муваккил будам
که ز مبدایِ ازل بر تو موکَّل بودم
Гуфтам ореи ман ва ту ҳар ду з як миъроҷем
گفتم آری من و تو هر دو ز یک معراجیم
Ту ба ваҳй омадӣ ва ман зи ту мурсал будам
تو به وحی آمدی و من ز تو مرسل بودم