Бе ту хуноба ба рухсораи фурӯ май боРом

بی تو خونابه به رخساره فرو می بارم

Мурғу моҳии ҳамаи шаби хуфта ва ман бедорам

مرغ و ماهی همه شب خفته و من بیدارم

Рўзгорист ки бемуддаӣон ме хоҳам

روزگاریست که بی مدّعیان می خواهم

Ки шабӣ бар сари кӯии ту ба поёни орм

که شبی بر سرِ کویِ تو به پایان آرم

Бе ту фирдавс намехоҳаму тўбоу қусӯр

بی تو فردوس نمی خواهم و طوبا و قصور

Аз биҳиштӣ ки на он бо ту буд безорам

از بهشتی که نه آن با تو بود بیزارم

Гар ба чашмон сиёҳанд ҳўории машҳур

گر به چشمان سیاه اند حواری مشهور

Пас ман ин ҷои ҳам аз он чашм ҳўорӣ дорам

پس من این جا هم از آن چشم حواری دارم

Тӯбо аз рашк шавад зард бидон сарсабзӣ

طوبی از رشک شود زرد بدان سرسبزی

Ки барояд ба чамани шоҳиди хуши рафторам

که برآید به چمن شاهدِ خوش رفتارم

Вар муяссар шавадам бози шаби қадари висол

ور میسّر شودم باز شبِ قدرِ وصال

Лаби нуҳум бар лаби ҷонона ва ҷон бисипорам

لب نهم بر لب جانانه و جان بسپارم

Беш азин нест дигар тоқати ҳиҷрон ту ам

بیش ازین نیست دگر طاقتِ هجرانِ تو ام

Чанд азин бори кашам сабр намонад ин боРом

چند ازین بار کشم صبر نماند این بارم

Ҳарчӣ аз ҳодисаи ёр бурун ояд дил

هرچه از حادثۀ یار برون آید دل

Дигар оҳанг фузулӣ накунад пиндорам

دگر آهنگِ فضولی نکند پندارم

Боз ногоҳ кунад тозаи гулии дробм

باز ناگاه کند تازه گلی درآبم

Ки аз он гул натавонам ки дигар сари хорам

که از آن گل نتوانم که دگر سر خارم

Офати ҷони нзории дили меҳнат каш ӯст

آفت ِ جان نزاری دلِ محنت کشِ اوست

Венаи ҳама бо дил ӯ сохтан аз ночорам

وین همه با دلِ او ساختن از ناچارم