Бар ёд рӯй дӯстони ҷоми мусаффо май кашам
بر یاد روی دوستان جام مصفا می کشم
Яъне ба рағми душманон бо дӯсти саҳбо май кашам
یعنی به رغم دشمنان با دوست صهبا می کشم
Аз дасти соқии азали софӣу дардӣ беш ва кам
از دست ساقی ازل صافی و دُردی بیش و کم
То нася кӣ рӯзӣ шавад ҳолеи муҳайёи микшм
تا نسیه کی روزی شود حالی مهیا میکشم
Аз ҷону дил боҳоиу ҳў бар бом ва бо лаббайк ва май
از جان و دل با های و هو بر بام و با لبیک و می
Ком валеро май занами рағми адуро май кашам
کام ولی را می زنم رغمِ عدو را می کشم
Асрори ҳашару нашрро мункир неам бали собирам
اسرار حشر و نشر را منکر نی ام بل صابرم
Бар ҷони ман аз ҷом май ҳамлии сети ҳоло май кашам
بر جان من از جام می حملی ست حالا می کشم
Имрӯзи нақди алўқтро ҳаргиз ба нася кӣ даҳум
امروز نقد الوقت را هرگز به نسیه کی دهم
Ман он неам комрўзи ҷавр аз баҳри фардо май кашам
من آن نی ام کامروز جور از بهر فردا می کشم
Соқии зи танҳои худами худроу ҳолои қонеъам
ساقی ز تنهایی خودم خود را و حالا قانعم
То вақти он кандар биҳишт аз дасти саққо май кашам
تا وقت آن کاندر بهشت از دست سقا می کشم
Тан дар маломат додаам дил бар қазо биниҳода ам
تن در ملامت داده ام دل بر قضا بنهاده ام
Фии алҷмлаҳи ҳоли алўқтро боз аз мудоро май кашам
فی الجمله حال الوقت را باز از مدارا می کشم
То кунҷи сари вақти ман пинҳон бимонад аз аду
تا کنج سرِّ وقت من پنهان بماند از عدو
Ҷавру ҷафои дӯстони пинҳону пайдо май кашам
جور و جفای دوستان پنهان و پیدا می کشم
Аз фикри лангари сохтам вази зеҳни ғаввос эй аҷаб
از فکر لنگر ساختم وز ذهن غواص ای عجب
Ин донаҳои қӣматӣ аз қаъри дарё май кашам
این دانه های قیمتی از قعر دریا می کشم
Ман пеши аҳли маърифат маъзӯр бошам зоҳиран
من پیش اهل معرفت معذور باشم ظاهرا
Бар айби бдгўёни худ доман ба ъмдо май кашам
بر عیب بدگویان خود دامن به عمدا می کشم
Гуфтӣ нзорӣ чун чунин бар айб душман карда ху
گفتی نزاری چون چنین بر عیب دشمن کرده خو
Кинӣ ба ваҷҳи маслиҳат аз ҷони аъдо май кашам
کینی به وجهِ مصلحت از جانِ اعدا می کشم