Манам охир ки чунин бе ту ҷаҳон май байнам

منم آخر که چنین بی تو جهان می بینم

На хаёласт ҳамоно ки чунон май байнам

نه خیال است همانا که چنان می بینم

Ҳарчӣ дар оина ӣ рағбат дил ме нагарм

هرچه در آینه ی رغبت دل می نگرم

Нақши савдои ту бар сӯрати ҷон май байнам

نقش سودای تو بر صورت جان می بینم

Ту мапиндор ки он рӯй з чашмам баравад

تو مپندار که آن روی ز چشمم برود

Бал ки дар ҳар чаҳ нигаҳ мекунам он май байнам

بل که در هر چه نگه می کنم آن می بینم

Ҷаҳли мутлақ буд аз хона ба бустон рафтан

جهل مطلق بود از خانه به بستان رفتن

То гулистони ту бар сарви равон май байнам

تا گلستان تو بر سرو روان می بینم

Вагар аз дасти рақибат ки сараши кӯфтаи бод

وگر از دست رقیبت که سرش کوفته باد

Ошкоро натавон дид ниҳон май байнам

آشکارا نتوان دید نهان می بینم

Бе тугар равшанӣ аз чашм нзорӣ баравад

بی تو گر روشنی از چشم نزاری برود

Саҳл бошад ки ба чашми ту ҷаҳон май байнам

سهل باشد که به چشم تو جهان می بینم

Хониш
шморҳ 887 — фотмҳ зндӣ