Ҳар чаҳ бар андешам аз ту зори бгрим

هر چه بر اندیشم از تو زار بگریم

Мардумаки дида дар канори бгрим

مردمکِ دیده در کنار بگریم

Нашутур риққати фурӯ барам ба раги ҷон

نشترِ رقّت فرو برم به رگِ جان

Взмжаҳи хуноби абрўори бгрим

وزمژه خونابِ ابروار بگریم

Ёд кунам зон чу сими себи занахи дон

یاد کنم زان چو سیم سیبِ زنخ‌دان

Вази ҳдқони дона ӣ анори бгрим

وز حَدّقان دانه‌ی انار بگریم

Сими баннои гӯши ту чу дар назари орм

سیمِ بنا گوشِ تو چو در نظر آرم

Бар варақи зар кам айёри бгрим

بر ورقِ زرِّ کم عیار بگریم

Ҳар нафас аз ҳайрати зумурради хатат

هر نفس از حیرتِ زمرّدِ خطّت

Ибрати ёқӯти оби дори бгрим

عبرتِ یاقوتِ‌آب‌دار بگریم

То бнсўзми зи сина оҳ барорам

تا بنسوزم ز سینه آه برآرم

То бинишонам зи дили ғубор , бгрим

تا بنشانم ز دل غبار، بگریم

Ҳарчӣ бинолам ба изтироб бинолам

هرچه بنالم به اضطراب بنالم

Ҳар чаҳ бгрим ба эътибори бгрим

هر چه بگریم به اعتبار بگریم

Гуфт касе пеши ман з дар адани боз

گفت کسی پیشِ من ز درِّ عدن باز

Гуфтамаш андари дамии ҳазор бгрим

گفتمش اندر دمی هزار بگریم

Аз дрри дидаи нзории мискин

از دُرَر دیده نزاری مسکین

Боз магӯ пеши ман ки зори бгрим

باز مگو پیشِ من که زار بگریم