Биё то каж нишинам рост гӯям

بیا تا کژ نشینم راست گویم

Ғуломи қомат чолок ӯем

غلامِ قامت چالاک اویم

Брўболо аз ин хуштар набошад

بَروبالا از این خوشتر نباشد

Сухан дар сарв дорам рост гӯям

سخن در سرو دارم راست گویم

Ҳамаи касро назар бар рӯй хуб аст

همه کس را نظر بر روی خوب است

Ки неи ман фитна ӣ рӯй накӯем

که نی من فتنه‌ی روی نکویم

Агар бозам мулоқотӣ диҳад даст

اگر بازم ملاقاتی دهد دست

Ба коми дили алӣ рағм адуем

به کامِ‌دل علی رغم عدویم

Магар чашмам фитад рӯзӣ ба чашмаш

مگر چشمم فتد روزی به چشمش

Магар рӯзӣ расад рӯйиш ба рӯем

مگر روزی رسد رویش به رویم

Биногваш чу насринаш бабўсам

بناگوش چو نسرینش ببوسم

Гиребони арақи чинаши ббўим

گریبانِ عرق چینش ببویم

Ба доми ман даройади мурғи умед

به دامِ من درآید مرغ امّید

Ба ком ман барояд орзӯем

به کامِ من برآید آرزویم

Чаҳ савдо дар серум мегардад аз дӯст

چه سودا در سرم می‌گردد از دوست

Азин гул чун нзорӣ сар башуам

ازین گِل چون نزاری سر بشوم