Нмитўони дили ёрии зхўди бёзрдн

نمیتوان دل یاری زخود بیازردن

На низ ҳам дили худро зи ғайр озурдан

نه نیز هم دل خود را ز غیر آزردن

Миёни ин ду дилам нест ҳосилии дигар

میان این دو دلم نیست حاصلی دیگر

Магари мунозирае кардану ғамӣ хӯрдан

مگر مناظره ای کردن و غمی خوردن

Магар ба чора бар лаби кашанди ҷони маро

مگر به چاره بر لب کشند جان مرا

Ба ҳеҷ ваҷҳ дигар нест чора ӣӣ кардан

به هیچ وجه دگر نیست چاره یی کردن

Мшнъи мтъзб магар наме донад

مشنع متعضب مگر نمی داند

Ки сбғт аллоҳ натавон ба ҳилаи бстрдн

که صبغت الله نتوان به حیله بستردن

Ба лои наслами чизе мусалламат нашавад

به لا نسلّم چیزی مسلّمت نشود

Чаҳ суди ояти ботил ба ҳуҷҷат овардан

چه سود آیت باطل به حجت آوردن

Туро ба ақлу гръқлро ба ту чун аст

ترا به عقل و گرعقل را به تو چون است

Кадоми як ба дигар воҷибаст бспрдн

کدام یک به دگر واجب است بسپردن

На мурғи дона ӣ дунёем эй хатои байнон

نه مرغ دانه ی دنیایم ای خطا بینان

Чаҳ ҳосиласт шуморо зи дом густурдан

چه حاصل است شما را ز دام گستردن

Ман аз мшимаҳ ӣ фитрат вуҷӯд ёфта ам

من از مشیمه ی فطرت وجود یافته ام

Ба ҳарзаи доя ӣ ишқам нахост парвардан

به هرزه دایه ی عشقم نخواست پروردن

Чаҳ суди санги маломат задани нзорӣ ро

چه سود سنگ ملامت زدن نزاری را

Ки монда дар гули ишқами зи пой то гардан

که مانده در گل عشقم ز پای تا گردن