Дило зи чанги баромади фиғон ба маҳфил ҳо
دلا ز چنگ برآمد فغان به محفلها
Ки дил кунед з май лаъли ҳали мушкил ҳо
که دل کنید ز می لعل حل مشکلها
Касе ки рӯ ба раҳи каъба ризо оварад
کسی که رو به ره کعبه رضا آورد
зи сайл дида бишӯяд ғубори манзил ҳо
ز سیل دیده بشوید غبار منزلها
Куҷост булбули нолон ки дӯш дар гулшан
کجاست بلبل نالان که دوش در گلشن
Сабои зи чеҳра гул мегушӯд ҳоил ҳо
صبا ز چهره گل میگشود حایلها
Чунон ба баҳр балоем ғариқи лаҷаи ғам
چنان به بحر بلایم غریق لجه غم
Ки заврақам нарасад бар канори соҳил ҳо
که زورقم نرسد بر کنار ساحلها
Дилами зи нолаи не чун ҷарас нёсудӣ
دلم ز ناله نی چون جرس نیاسودی
Ки сорибони ҷФопишаҳи басти маҳмил ҳо
که ساربان جفاپیشه بست محملها
зи кишти ақли басиро зиёди хирмани барад
ز کشت عقل بسی را زیاد خرمن برد
Ки барқ ишқ дурахшиду сӯхти хирман ҳо
که برق عشق درخشید و سوخت خرمنها
Дарони замон ки тулӯъӣ намӯд нури алӣ
درآن زمان که طلوعی نمود نور علی
Чу офтоби ҷаҳон толеъаст маҳфил ҳо
چو آفتاب جهان طالع است محفلها