Биё эй аз рахт чашм бидон давр
بیا ای از رخت چشم بدان دور
Макун аз хеши неконро ту маҳҷӯр
مکن از خویش نیکان را تو مهجور
Кунун каз соғар ъушрат шудӣ маст
کنون کز ساغر عشرت شدی مست
Чунин моро бағам магузор махмур
چنین ما را بغم مگذار مخمور
зи рӯяти чашм ҳаргиз барнадорем
ز رویت چشم هرگز برنداریم
Ки моро дар назар ҳастӣ ту манзур
که ما را در نظر هستی تو منظور
Тавон мастур меҳрат дошт дар дил
توان مستور مهرت داشت در دل
Агар монадӣ май андари шишаи мастур
اگر ماندی می اندر شیشه مستور
Марои мастии зи лаълу чашми соқист
مرا مستی ز لعل و چشم ساقیست
На аз ҷоми булӯру оби ангур
نه از جام بلور و آب انگور
Дилии дигар наме байнам дар ин шаҳр
دلی دیگر نمی بینم در این شهر
Ки набӯд аз ғами ҳиҷри ту масрур
که نبود از غم هجر تو مسرور
зи рӯяти тофта то нури нурӣ
ز رویت تافته تا نور نوری
Таҷаллӣ зор гашта олам аз нур
تجلی زار گشته عالم از نور