Чу булбулӣ ки буд он бглстони муштоқ

چو بلبلی که بود آن بگلستان مشتاق

Дилам буд бҷмоли ту длстони муштоқ

دلم بود بجمال تو دلستان مشتاق

Ҷаҳонёни ҳамагар шавқ бӯстон доранд

جهانیان همه گر شوق بوستان دارند

Марост дидаи бадӣдори дӯстони муштоқ

مراست دیده بدیدار دوستان مشتاق

Чу дигарон ним аидўст бо вуҷӯди ту ман

چو دیگران نیم ایدوست با وجود تو من

Бсиру боғи тамошои бӯстони муштоқ

بسیر و باغ تماشای بوستان مشتاق

Дилами нмирҳд эй гули зи хори деворат

دلم نمیرهد ای گل ز خار دیوارت

Ки ҳаст булбули нолони бошёни муштоқ

که هست بلبل نالان بآشیان مشتاق

Назари бғир тўош нест бар киришмаи хур

نظر بغیر تواش نیست بر کرشمه خور

Чу нур ҳар ки туро ҳаст дар ҷаҳони муштоқ

چو نور هر که ترا هست در جهان مشتاق