На ин замони з май ҷилваи ту ман мастам
نه این زمان ز می جلوه تو من مستم
Ки солҳост аз ин бодаи куҳани мастам
که سالهاست از این باده کهن مستم
Дарин баҳор надонам басар чҳо дорам
دراین بهار ندانم بسر چها دارم
Ки дигарон бчмни ҷуръаи нӯш ва ман мастам
که دیگران بچمن جرعه نوش و من مستم
Агар на булбули зорам чаро бФсли баҳор
اگر نه بلبل زارم چرا بفصل بهار
зи обу ранги гулу накҳати чамани мастам
ز آب و رنگ گل و نکهت چمن مستم
Рӯми бкъбаҳу дайр ва бисӯзам ин зуннор
روم بکعبه و دیر و بسوزم این زنار
Ки он санам накунад ҳамчуи брҳмни мастам
که آن صنم نکند همچو برهمن مستم
зи чини турраи намояд чу нофаи бхшоӣӣ
ز چین طره نماید چو نافه بخشائی
Кунад зи ғолия чун оҳӯии хутани мастам
کند ز غالیه چون آهوی ختن مستم
Зиҳии ҳикояти ишқӣ ки баъди чандини сол
زهی حکایت عشقی که بعد چندین سال
Кунад зи қиссаи ширину кӯҳкани мастам
کند ز قصه شیرین و کوهکن مستم
Лаб аз усораи ангуртар чаро созам
لب از عصاره انگورتر چرا سازم
Кнўнкаҳ нур намӯд аз май сухани мастам
کنونکه نور نمود از می سخن مستم