Бо мо накард он бути саркаши вафо ҳануз
با ما نکرد آن بت سرکش وفا هنوز
Охир нашуд миёнаи мо моҷрӣ ҳануз
آخر نشد میانهٔ ما ماجری هنوز
Мо хастагон дар оташ шавқаш бсухтем
ما خستگان در آتش شوقش بسوختیم
Ваон шӯхи дида сайр нагашт аз ҷафо ҳануз
وان شوخ دیده سیر نگشت از جفا هنوز
Баъд аз ҳазор дард ки бар ҷони мо ниҳод
بعد از هزار درد که بر جان ما نهاد
Раҳмат накард бар дили мискини мо ҳануз
رحمت نکرد بر دل مسکین ما هنوز
Аз кӯии дӯсти бихўду саргаштаи мирўим
از کوی دوست بیخود و سرگشته میرویم
Дили хастаи бозмондау чашм аз қафо ҳануз
دل خسته بازمانده و چشم از قفا هنوز
Бўсисти хунбҳоии ману лаъл ӯ маро
بوسیست خونبهای من و لعل او مرا
Сад бори кишт ва май надиҳади хўнбҳо ҳануз
صد بار کشت و میندهد خونبها هنوز
Дил дар шиканҷи турраи пари печу тоб ӯ
دل در شکنج طرهٔ پر پیچ و تاب او
Мондааст дар кашокаши доми бало ҳануз
مانده است در کشاکش دام بلا هنوز
Мискини убайд дар ғами ишқаши зи ҷону дил
مسکین عبید در غم عشقش ز جان و دل
Бегонаи гашт ва ёр нашуд ошно ҳануз
بیگانه گشت و یار نشد آشنا هنوز